तेरह वर्ष पूर्व हुए हत्या के मामले में स्पेशल जज गैंगेस्टर एक्ट रवींद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को रेलवे कर्मी समेत दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माना से 70 फीसदी धनराशि पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया है। सजा से दंडित हत्यारे चाचा-भतीजे हैं। मामला कोतवाली देहात थाने के पाल्हनपुर गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी हैबतराम यादव अपने बड़े भाई लथेरूराम के साथ 15 फरवरी 2002 को सुबह करीब सात बजे गांव के बाहर स्थित बाग में गया था। बाग में घात लगाकर बैठे गांव के ही रेलवे कर्मी प्रेमनाथ यादव व उसके भतीजे संजय यादव ने लथेरूराम को गोली मारकर घायल कर दिया था। गंभीर अवस्था में लथेरूराम को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। मामले में हैबतराम यादव की तहरीर पर गांव के ही रेलवे कर्मी प्रेमनाथ यादव व संजय यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पूर्व डीजीसी क्रिमिनल शिवशंकर सिंह व अभियोजन अधिकारी रामशिरोमणि वर्मा ने घटना को साबित करने के लिए नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया था। बचाव पक्ष ने भी सफाई साक्ष्य में पांच गवाहों की गवाही दर्ज कराई थी। स्पेशल जज गैंगेस्टर एक्ट रवींद्र विक्रम सिंह ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को अभियुक्तों प्रेमनाथ यादव व संजय यादव (चाचा-भतीजे) को हत्या करने का दोषी माना।