पीडब्ल्यूडी विभाग में तैनात चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की मंगलवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को गोमती नदी के किनारे पांचोपीरन दरगाह के पास फेंक दिया गया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है। पुलिस ने मृतक के बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के विनोबापुरी निवासी जैसराज गौतम (45) पुत्र मुन्नीलाल गौतम पीडब्ल्यूडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। जैसराज गौतम की ड्यूटी पिछले कई महीनों से पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर लगी थी। मंगलवार की सुबह जैसराज घर से बाइक लेकर ड्यूटी जाने के लिए निकला था। दोपहर करीब एक बजे जैसराज का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया।
इस पर परिवारीजनों को संदेह हुआ। परिवारीजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रात करीब 10 बजे जैसराज का बेटा पिता की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचा था। तभी कुछ लोगों ने सूचना दी कि एक शव गोमती नदी के किनारे पांचोपीरन दरगाह के पास पड़ा है। सूचना मिलते ही प्रभारी कोतवाल कुंवर बहादुर सिंह, एसआई सचिन राठी, एसआई अमित सिंह पुलिस टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। जैसराज के सीने में गोली लगी थी। चंद फासले पर जैसराज की पिस्टल पड़ी थी। गले में सोने की चेन थी। तलाशी के दौरान जैसराज की जेब से 71 हजार रुपये की बैंक में जमा की गई राशि की पर्ची मिली। दो चेक के साथ ही दो मोबाइल भी मिले। पास में ही जैसराज की बाइक खड़ी थी।
विभागीय आईकार्ड से उसकी पहचान की गई। पुलिस ने रात में ही जैसराज के घर वालों को फोन किया तो परिवार में कोहराम मच गया। नगर कोतवाल चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे उत्कर्ष की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम को भेजा है।