तीन दिन पूर्व मठा गांव के पास की गई युवक की हत्या के मामले में नामजद भाई पर गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए पुलिस दो दिन पहले उसकी बहन को उठा लिया। पुलिस मंगलवार को बेगुनाह छात्रा की प्रयोगात्मक परीक्षा दिलाने के लिए कॉलेज लेकर पहुंची तो सहेलियों को देख वह बिलख पड़ी।
इस पर कॉलेज के प्रबंधक ने पुलिस वालों से सख्त एतराज जताया लेकिन अधिकारियों के दबाव के आगे उनकी नहीं चल पाई। पुलिस आनन-फानन छात्रा को परीक्षा दिलाकर वापस लेकर चली गई। गोसाईगंज थाना क्षेत्र के बरुई गांव निवासी महेंद्र सिंह पुत्र प्रसिद्ध नारायण सिंह की बीते शनिवार की रात मठा गांव के पास बाजार से वापस घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने मृतक के पिता प्रसिद्ध नारायण की तहरीर पर बरुई गांव के अमरपाल सिंह, विनय सिंह, उग्रसेन सिंह और प्रदीप सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि दो दिन पूर्व गोसाईगंज थाने की पुलिस प्रदीप सिंह के घर पर दबिश देकर उसकी बहन को लेकर थाने चली गई। प्रदीप की बहन रामबरन महाविद्यालय रुपिनपुर विभारपुर में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है।
इन दिनों उसकी गृह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा चल रही है जबकि पुलिस निर्दोष छात्रा को 48 घंटे से ज्यादा समय से बिना महिला सिपाही की अभिरक्षा के थाने में बैठाए हुए है। मंगलवार को छात्रा की गृह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा थी।
छात्रा को परीक्षा दिलाने के लिए गोसाईगंज थाने की पुलिस ने पुलिस लाइन से महिला सिपाही को बुलाया। सुबह करीब साढ़े 10 बजे गोसाईगंज थाने का सिपाही सुनील दुबे और महिला सिपाही छात्रा को लालरंग की टाटा सफारी यूपी 58 बी 8364 पर बैठाकर कॉलेज परीक्षा दिलाने पहुंचे। कॉलेज में अपनी सहेलियों को देखकर छात्रा रोने लगी तो कॉलेज के प्रबंधक अजय कुमार सिंह ने छात्रा से पूछताछ शुरू कर दी।
छात्रा ने प्रबंधक को पूरा मामला बताया। छात्रा की पीड़ा सुनकर प्रबंधक ने पुलिस कर्मियों से आपत्ति जताई। इस पर पुलिस कर्मियों ने पुलिस के अधिकारियों से उनकी बात कराई। गोसाईगंज थाने के इंस्पेक्टर आरपी शाही ने प्रबंधक को बताया कि छात्रा के भाई पर हत्या का मुकदमा दर्ज है। लिहाजा उस पर गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए छात्रा को हिरासत में लिया गया है।
प्रबंधक ने उनसे छात्रा को लिखा-पढ़ी में हिरासत में लेने के बारे में पूछा तो इंस्पेक्टर ने इंकार कर दिया। पुलिस के अधिकारियों ने किसी तरह छात्रा की आनन-फानन में प्रयोगात्मक परीक्षा दिलाई और उसे साथ लेकर चले गए।
इस बाबत पुलिस अधीक्षक सोनिया सिंह ने बताया कि नामजद आरोपी प्रदीप की बहन को पूछताछ के लिए महिला थाने पर बुलाया गया था। दो दिन से थाने पर बैठाने का आरोप गलत है।