जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में सोमवार की शाम सर्पदंश के शिकार हुए सात वर्षीय बालक की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद मौजूद चिकित्साकर्मी से तीमारदारों की कहासुनी शुरू हो गई। बात बढ़ने पर तीमारदारों ने फार्मासिस्ट को पीट दिया। मारपीट के बाद तीमारदार शव लेकर चले गए।
चिकित्सा कर्मियों ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दी है। हमले से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। सूचना पर पहुंचे सीएमओ के समझाने-बुझाने के बाद स्वास्थ कर्मियों का आक्रोश शांत हो सका।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में सोमवार की शाम डॉ. मनीष यादव, डॉ. अवनीशकांत तिवारी व फार्मासिस्ट संतोष बरनवाल मौजूद थे। शाम करीब छह बजे धम्मौर निवासी विनोद कुमार के पुत्र दीपक (7) को लेकर परिवारीजन जिला अस्पताल पहुंचे। दीपक को सांप ने डस लिया था। उसकी हालत गंभीर थी। इसी बीच उसकी मौत हो गई। फार्मासिस्ट संतोष बरनवाल ने परिवारीजनों से नाम पता पूछा तो वे आक्रोशित हो उठे।
तीमारदारों व स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बहस होने लगी। इसी बीच एक युवक ने संतोष पर हमला कर दिया। मारपीट के बाद हमलावर युवक व अन्य परिवारीजन इमरजेंसी कक्ष से भाग निकले। ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्यकर्मी पर हुए हमले से नाराज चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार करते हुए घटना की जानकारी सीएमएस डॉ. जलालुद्दीन को दी। उधर, इमरजेंसी कक्ष छोड़ने के बाद अन्य मरीजों व तीमारदारों को इलाज कराने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना पर पहुंचे सीएमएस ने घटना की जानकारी सीएमओ को दी। सूचना पर सीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा भी इमरजेंसी कक्ष पहुंचे। चिकित्सा कर्मियों ने घटना की जानकारी सीएमओ को दी। सीएमओ ने कोतवाली पुलिस से वार्ता की।