हलियापुर थाने के जरईकलां गांव से बीते छह मार्च से लापता युवक के मामले की जांच में सुस्ती का आरोप लगाते हुए रविवार को ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने हलियापुर थाने का घेराव करते हुए रायबरेली-फैजाबाद राजमार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी बल्दीराय के 24 घंटे के भीतर कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खुल सका।
हलियापुर थाने के जरई कलां गांव निवासी जजवेंद्र सिंह (24) पुत्र स्व. रामेश्वर सिंह बीते छह मार्च को मछली पकड़ने के लिए घर से निकला था। उसके बाद से वह घर वापस नहीं लौटा। जजवेंद्र के छोटे भाई आशीष का आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में 15 दिन से अधिक का समय लगा दिया। काफी दबाव के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन लापता की बरामदगी की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है।
आशीष का आरोप है कि रामजीत निषाद पुत्र राजाराम निवासी मल्लाह का पुरवा मौजा हलियापुर ने अपने सहयोगी मछुवारों के साथ जजवेंद्र को मार डाला है। पुलिस को नामजद सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बात से आक्रोशित जरईकलां गांव के लोगों ने रविवार की दोपहर करीब एक बजे फैजाबाद-रायबरेली राजमार्ग पर स्थित हलियापुर थाने का घेराव शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान फैजाबाद-रायबरेली मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
थाने के सामने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने हलियापुर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर बल्दीराय थाने की पुलिस भी पहुंच गई। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर सीओ बल्दीराय तौकीर अहमद भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर जाम खुल सका। एक घंटे तक लगे जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। उधर से गुजरने वाले राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।