डकैतों के हमले में गृहस्वामी की निर्मम हत्या से नाराज ग्रामीण बुधवार सुबह उग्र हो गए। पुलिस चौकी की मांग पर ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने के बजाय शव का रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पहुंचे एएसपी व एसडीएम ने गांव में एक दरोगा व दो सिपाही की रात्रि ड्यूटी लगवाने तथा जल्द आर्थिक सहायता देने की बात कहकर ग्रामीणों को शांत करवाया। परिवारीजनों ने मेवालाल के बेटे के आने के बाद दाह संस्कार करने की बात कही है।
गौरीगंज थाने के सैंठा व अत्तानगर गांव में सोमवार की रात 7-8 डकैतों ने तीन घरों में डकैती डाली थी। इस दौरान डकैतों ने विरोध करने पर अत्तानगर निवासी मेवालाल की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। गांव में पड़ी डैकती व मेवालाल की निर्मम हत्या से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को गांव में चौकी निर्माण तथा परिवारीजनों को आर्थिक सहायता की मांग को लेकर गांव में शव रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आनन-फानन में गांव पहुंचे सीओ रवींद्र बहादुर सिंह ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण डीएम व एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। सीओ की सूचना पर मौके पर पहुंचे एएसपी बलरामाचारी दुबे व एसडीएम गौरीगंज मोतीलाल ने जल्द भूमि चिह्नित कर चौकी खोलने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा चौकी खुलने तक प्रतिदिन सायं छह बजे से सुबह छह बजे तक एक उपनिरीक्षक व सिपाहियों की ड्यूटी लगाने का आश्वासन देेकर ग्रामीणों को शांत करवाया।
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद परिवारीजनों ने कहा कि वे दिल्ली में रहने वाले मेवालाल के बेटे का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों में आक्रोश को देखते हुए बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई है। एसएचओ अनिरुद्ध सिंह की मानें तो मेवालाल व देवराज के घर से ले जाए गए बक्से गांव से करीब एक किलोमीटर दूर सीवान से बरामद हुए हैं। बरामद बक्सों को कब्जे में लेकर छानबीन की जा रही है।