राहगीरों ने बृहस्पतिवार दोपहर रामगंज नहर की पटरी पर पड़ी एक नवजात बच्ची को रोते देखा। जानकारी पर पहुंची पुलिस बच्ची को उठाकर पुलिस चौकी ले गई जहां कुरंग गांव की एक महिला ने उसे अपना लिया। महिला को तीन बेटे हैं, लेकिन बेटी नहीं थी। बच्ची को अपनाने के बाद उसकी बेटी की कमी पूरी हो गई। गांव में बेटी के आने से जश्न का माहौल है।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के रामगंज बाजार के पास नहर की पटरी पर बृहस्पतिवार की सुबह राहगीरों ने एक नवजात बच्ची को रोते देखा। राहगीरों की सूचना के बाद पहुंचे रामगंज चौकी के प्रभारी इंचार्ज राम शब्द यादव बच्ची को गोद में लेकर चौकी लाए। इस दौरान क्षेत्र में नवजात शिशु पाए जाने की चर्चा आम हो गई। कुरंग गांव से चौकी पहुंची सुमन मौर्या पत्नी रामहित मौर्य ने बेटी लेने की इच्छा जताई।
सुमन ने प्रभारी चौकी इंचार्ज से कहा कि उसके घर में तीन बेटे हैं, लेकिन बेटी एक भी नहीं है। बिना बेटी के उसका परिवार पूरा नहीं है। सुमन ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं। पति मुंबई में नौकरी करते हैं। बेटों में हिमांशु (16), प्रियांशु (13) व दीपांशु (10) शामिल हैं। एक बेटी की कमी थी, जिसे आज भगवान ने पूरा कर दिया।