जिला महिला अस्पताल से चोरी नवजात की बरामदगी के लिए की गई पुलिस की सख्ती का नतीजा रहा कि बृहस्पतिवार की रात चोर बच्चे को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के पास छोड़कर फरार हो गया। नवजात के पास मिले कागज के टुकड़े पर लिखा था कि बच्चा जिला महिला अस्पताल का है और उसे वहां पहुंचा दिया जाए।
पुलिस ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उसकी मां को सौंप दिया। अमर उजाला ने नवजात के गायब होने से लेकर उसकी बरामदगी तक लगातार इस संबंध में खबरें प्रकाशित की थीं। नवजात को पाने के बाद पीड़ित परिवार ने अमर उजाला का शुक्रिया अदा किया।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के गौहानी गांव निवासी चंद्रभान की पत्नी फोटो देवी (26) को बीते नौ जुलाई को जिला महिला अस्पताल में जुड़वां बच्चे हुए थे। एक बच्चे को एक महिला चुराकर फरार हो गई थी। अमर उजाला ने न सिर्फ फोटो देवी को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया था, बल्कि नवजात शिशु की तलाश में अभियान भी चलाया था।
पुलिस की सख्ती का नतीजा रहा कि रात करीब सवा 11 बजे जीआरपी सुल्तानपुर ने कोतवाली पुलिस को सूचित किया कि एक नवजात प्लेटफार्म नंबर एक पर मिला है। नवजात के पास एक कागज का टुकड़ा मिला है कि जिस पर लिखा है कि यह बच्चा जिला महिला अस्पताल का है, इसे वहां पहुंचा दें।
कोतवाल वीपी सिंह, एसआई एसपी सिंह जीआरपी थाने पहुंचे और बच्चे को सुपुर्दगी में लेकर महिला अस्पताल पहुंचे। शहर के एक नर्सिंग होम में तैनात महिला कर्मी पार्वती, गायत्री व राजकुमारी को हिरासत में लेकर पुलिस फोटो देवी से पहचान कराएगी।
एसआई एसपी सिंह के मुताबिक ये वही महिलाएं हैं जो फोटो देवी को साथ लेकर नर्सिंग होम अल्ट्रासाउंड कराने गई थीं। इन्हीं महिलाओं का नवजात की चोरी में हाथ है। फिलहाल तीनों महिलाएं अभी लापता हैं।
नगर कोतवाली वीपी सिंह ने बताया कि जिला महिला अस्पताल से चोरी नवजात को बरामद किया गया है। विवेचना जारी है। ये केस तब तक बंद नहीं होगा जब तक नवजात को चुराने वाली महिला और इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों को सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा दिया जाता।
जिला महिला अस्पताल से चोरी गए नवजात शिशु के हाथ व पांव में इंजेक्शन लगाए जाने के निशान थे। डॉ. मनीष यादव ने बताया कि बच्चे का नर्सिंग होम में उपचार हुआ है। जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित गौहानी गांव में जश्न का माहौल है।
जिला महिला अस्पताल से गांव की बहू का चोरी के बाद मिले नवजात शिशु को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो रही है। गांव में नवजात को सकुशल पाने के लिए ग्रामीण भी ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे। चौथे दिन मिले बेटे को सीने से लगाकर जहां मां की खुशी का ठिकाना नहीं है, वहीं मां ने बेटे को किस्मत वाला मानकर उसका नाम लकी रख दिया।