मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)। शट डाउन के दौरान करंट लगने से झुलसे दिहाड़ी लाइन मैन की उपचार के अभाव में शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने दियरा चौराहे पर शव रखकर लखनऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पावर कॉर्पोरेशन के अधिशाषी अभियंता और एसडीएम के आश्वासन पर तीन घंटे बाद लोग शांत हुए। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। लापरवाही के आरोप में अधिशाषी अभियंता ने उपकेंद्र के एसएसओ को निलंबित कर दिया है।
मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर लपटा गांव निवासी अमर बहादुर (40) पुत्र सीताराम प्रजापति दियरा उपकेंद्र पर दिहाड़ी लाइनमैन था। गुरुवार को अमर बहादुर क्षेत्र के मोतिगरपुर ब्लॉक के बगल में स्थित राजकीय नलकूप संख्या-36 केवी का फॉल्ट ठीक करने गया था। इस दौरान अमर बहादुर ने उपकेंद्र से शट डाउन भी लिया था। अमर बहादुर ट्रांसफार्मर पर चढ़कर एक तार बदलकर दूसरा तार जोड़ रहा था तभी सप्लाई चालू हो गई। करंट लगते ही अमर बहादुर पोल पर लगे ट्रांसफार्मर से नीचे गिर पड़ा था। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया था।
परिवारीजन उसे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे लेकिन धनाभाव के कारण लौट आए। परिवारीजनों ने जिला मुख्यालय पर उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। अमर बहादुर की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव दियरा चौराहे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना पाते ही पावर कॉर्पोरेशन के अधिशाषी अभियंता चंद्रजीत प्रसाद, एसडीएम जयसिंहपुर शिवशंकर सिंह पहुंच गए। ग्रामीण पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने की मांग कर रहे थे।
अधिशाषी अभियंता ने पीड़ित परिवार को तत्काल 15 हजार रुपये देने के साथ ही एक लाख रुपये देने की घोषणा की। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को आवास के लिए भूमि का पट्टा देने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए। करीब तीन घंटे तक जाम के बाद आवागमन बहाल हो सका। उधर, उपकेंद्र पर ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में एसएसओ अरशद को अधिशाषी अभियंता ने निलंबित कर दिया।