रामनाथ का पुरवा गांव में दो दिन पूर्व हुई दलित की हत्या के मामले में एसपी ने जयसिंहपुर कोतवाल को निलंबित कर दिया है। एसपी की कार्रवाई व सीओ और जिला पंचायत सदस्य के समझाने-बुझाने पर ग्रामीण शव के अंतिम संस्कार को राजी हो गए। सीओ ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि जो मुकदमा दर्ज था उसमें हत्या की धारा बढ़ा दी जाएगी और हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक गांव में ही पुलिस कैंप करेगी। अधिकारी के आश्वासन के बाद दोपहर में गांव के बाहर स्थित श्मशान घाट पर शव को दफना दिया गया।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के रामनाथ का पुरवा गांव निवासी दलित रामजीत (45) के घर पर पिछले शुक्रवार की दोपहर बाद करीब दो बजे गांव के ही कुछ लोगों ने लाठी-डंडे से लैस होकर हमला कर दिया था। हमले में रामजीत की मौत हो गई थी, जबकि पिटाई से उसकी पत्नी सुमित्रा (42), बेटा मंजीत (25) व गर्भवती बहू अंतिमा (20) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
रविवार को पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा ने जयसिंहपुर कोतवाल निर्भय सिंह को निलंबित कर दिया। दोपहर सीओ जयसिंहपुर धर्मेंद्र सचान, जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने भी ग्रामीणों को काफी-समझाया बुझाया। सीओ ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिया कि दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा को बढ़ा दिया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य ने पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया। सीओ व जिला पंचायत सदस्य के आश्वासन के बाद परिवारीजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हो गए। गांव के बाहर शव को दफना दिया गया।