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ट्रिपल मर्डर के बाद कोइरीपुर में सन्नाटा

Thu, 08 Oct 2015 10:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
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कोइरीपुर टाउन एरिया के पंत नगर मोहल्ले में बुधवार की शाम हुए ट्रिपल मर्डर को लेकर बृहस्पतिवार को सन्नाटा पसरा रहा। टाउन एरिया की सभी दुकानें बंद रहीं। प्रशासनिक अधिकारी और पीएसी के जवान कैंप कर रहे हैं। पुलिस ने मृतक के ताऊ की तहरीर पर दो युवकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
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चांदा कोतवाली क्षेत्र के टाउन एरिया  कोइरीपुर के पंत नगर मोहल्ले में बुधवार की शाम हुए ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस ने मृतक जौहर के ताऊ सरफुद्दीन की तहरीर पर लईक पुत्र खलील निवासी शास्त्रीनगर और मोहम्मद उमर निवासी कस्बा कोइरीपुर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।

 ट्रिपल मर्डर को लेकर बृहस्पतिवार को टाउन एरिया की सभी दुकानें बंद रहीं। उधर, ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में सरफुद्दीन के बड़े बेटे मैनुद्दीन (30) और पत्नी अमीना  बानो (50) की हालत नाजुक बनी हुई है। गौरतलब है कि बुधवार की शाम बांके से किए गए हमले में सरफुद्दीन के छोटे बेटे जावेद और भतीजे जौहर व गौहर की मौत हो गई थी। गुरुवार को एसडीएम लंभुआ दिनेश कुमार गुप्ता के साथ ही पीएसी के जवान कोइरीपुर में कैंप कर रहे हैं।
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इनसेट
सगे बेटों की मौत से टूट गया पिता
चांदा। पंतनगर निवासी अलाउद्दीन पंत नगर चौराहे के पास बीज भंडार की दुकान करते हैं। परिवार में पत्नी रेशमा बानों के साथ ही चार बेटे और इकलौती बेटी है। बेटों में सबसे बड़ा बेटा जौहर (18), गौहर (16), शानू (9), साहिल (6) और बेटी फलक (5) शामिल हैं। बुधवार की शाम जवान बेटों की हत्या से अलाउद्दीन पूरी तरह से टूट गए हैं जबकि पत्नी रेशमा सुधबुध खो बैठी है।

हत्या आरोपी के घर लटक रहा ताला

चांदा। पंत नगर में ट्रिपल मर्डर के बाद से ही घटना में शामिल लईक और उसकी पत्नी व बेटी फरार हैं। शास्त्रीनगर मोहल्ले में लईक के घर ताला लगा है।

ट्रिपल मर्डर की कहानी लोगों की जुबानी
चांदा। पंतनगर मोहल्ले में बुधवार की शाम हुए ट्रिपल मर्डर से कोइरीपुर वासी सन्न हैं। पंत नगर निवासी निसार बताते हैं कि लईक हत्या के बाद हाथ में लिए बांके को दिखाकर लोगों को डरा रहा था। एक साथ हुए तीन हत्याओं से लोग दहशत में थे। कोई आगे नहीं आना चाहता था। नफीस कहते हैं कि जब भी कोइरीपुर में कोई वारदात होती है तो लोग खुद को असुरक्षित समझते हैं। अतहर कहते हैं कि आए दिन हो रहे अपराध से कस्बे की व्यावसायिक पहचान धीरे-धीरे खत्म हो रही है। सभी सकते में हैं।
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