महोना कस्बे में हुए सामूहिक हत्याकांड के 19 दिन बाद सोमवार को बोरी में रखे एक और चापड़ की बरामदगी ने मामले को उलझा दिया है। चापड़ पर खून के निशान मौजूद हैं। जमालुद्दीन के भाई बब्लू ने एक और चापड़ मिलने की सूचना पुलिस को दे दी है।
बीते तीन जनवरी को महोना कस्बा निवासी जमालुद्दीन व उसके परिवार की आठ बच्चियों और दो महिलाओं की निर्मम हत्या कर दी गई थी। आठ बच्चियों व दो महिलाओं की गला रेतकर हत्या की गई थी जबकि जमालुद्दीन का शव फांसी के फंदे से लटका मिला था। पुलिस को मौके से सब्जी काटने वाले दो चाकू के साथ एक बांका भी मिला था जिस पर खून लगे होने की बात कही गई थी। तब से अब तक पुलिस घटना का सही पर्दाफाश करने के लिए दिन रात एक किए हुए है। अभी पुलिस की कवायद चल ही रही थी कि सोमवार को एक नई चीज सामने आने से फिर हड़कंप मच गया।
सोमवार सुबह जमालुद्दीन का छोटा भाई बब्लू महोना गया और कपड़े से भरी एक बोरी को लेकर बहादुर पुरवा आया। बहादुर पुरवा में जब बोरी खोली गई तो उसमें खून से सना एक चापड़ मिला। बब्लू की मानें तो जिस बोरी में चापड़ मिला है वह बोरी उसी स्थान पर एक खूंटी से लटकी हुई थी जहां जमालुद्दीन का शव लटका मिला था। चापड़ मिलने की सूचना बब्लू ने तत्काल बाजार शुकुल पुलिस को दी।
एसएचओ मो. हामिद ने बताया कि सूचना मिली है। न्यायालय के कार्य से वापस लौटते ही चापड़ को कब्जे में ले लिया जाएगा। हामिद ने कहा कि जब घर से बीड़ी और तंबाकू के रैपर तक पुलिस ने जांच के लिए एकत्र किए तो यह बोरी और उसमें रखा चापड़ कैसे वहां रह गया, इस बात की जांच की जाएगी।