इंस्पेक्टर के थक जाने पर सिपाही और दीवान ने भी उसे बुरी तरह मारा। पीड़ित जब बेहोश होकर गिर पड़ा तब उसे छोड़ा गया। गुरुवार को पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर उन्हें प्रकरण से अवगत कराया। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धम्मौर थाने के इंस्पेक्टर को तलब किया है।
धम्मौर थाना क्षेत्र के बंधुआ खुर्द निवासी राजेश कुमार यादव (46) पुत्र एलआईसी एजेंट है। बंधुआखुर्द गांव में गाटा संख्या 94 और 95 सौंदयीकृत तालाब के रूप में दर्ज है। आरोप है कि तालाब में गांव के ही मोहम्मद अली, त्रियुगी प्रसाद अवैध रूप से मछली पकड़ रहे थे। इसकी शिकायत राजेश कुमार यादव ने 27 जुलाई को जिलाधिकारी से की थी।
प्रकरण की जानकारी होने पर आरोपियों ने धम्मौर थाने के इंस्पेक्टर मधुपनाथ मिश्र को हमवार कर राजेश कुमार यादव को सबक सिखाने की ठान ली। बीते 29 जुलाई की सुबह करीब साढ़े आठ बजे इंस्पेक्टर धम्मौर बंधुआ खुर्द गांव पहुंचे और राजेश को घर से खींचकर जीप पर बैठा लिया।
राजेश को लेकर थाने पहुंचे इंस्पेक्टर मधुपनाथ मिश्र ने दीवार के सहारे उसे खड़ा कर दिया। इस दौरान थाने के सिपाही और दीवान ने राजेश के कपड़े उतारकर उसके दोनों हाथ पकड़ लिए। फिर इंस्पेक्टर ने थाने में रखा पट्टा उठाकर राजेश को पीटना शुरू कर दिया।
पुलिस ने नहीं पीटा: प्रभारी थानाध्यक्ष
धम्मौर थाने के सीयूजी नंबर पर इंस्पेक्टर मधुपनाथ मिश्र से संपर्क करने की कोशिश की गई तो थाने के सेकंड अफसर शोभानाथ मिश्र ने फोन उठाया। उन्होंने बताया कि मधुपनाथ मिश्र हाईकोर्ट गए हैं। घटना 30 जुलाई की है। पुलिस ने राजेश की पिटाई नहीं की है बल्कि आरोपियों आदि ने पीटा था।