दो पक्षों के विवाद में पहुंचे दरोगा की पिटाई से व्यापारी पुत्री का गर्भपात हो गया। इससे व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और सड़क पर उतर आए। व्यापारियों ने आरोपी दरोगा व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में जमकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान सीओ सिटी व नगर कोतवाल से व्यापारियों की तीखी झड़प हुई। बाद में जिले के दौरे पर आए प्रमुख सचिव व डीएम के आश्वासन पर व्यापारी शांत हुए।
कोतवाली नगर के पारकींसगंज चौक निवासी सुरेश पटवा और महेश पटवा के बीच पारिवारिक विवाद को लेकर बीते 29 अगस्त को कहासुनी हो रही थी। इसकी सूचना किसी ने पुलिस को दी।
मामले की जानकारी पाकर पहुंचे घंटाघर चौकी प्रभारी एसपी सिंह, सिपाही अखिलेश यादव ने व्यापारियों को गाली देनी शुरू कर दी थी। सुरेश पटवा और महेश पटवा को पुलिस ले जाने लगी तो यापारियों ने इसका विरोध किया था। इस पर दरोगा ने कोतवाली नगर से अन्य पुलिस कर्मियों को बुला लिया था। उसके बाद पुलिस ने सुरेश पटवा और महेश पटवा के घर में घुसकर महिलाओं व बच्चों की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी थी।
आरोप है कि दरोगा एसपी सिंह ने महेश पटवा की गर्भवती पुत्री सोनिका के पेट पर पैर से मारकर चोटें पहुंचाई थी। गंभीर हालत में व्यापारियों ने सोनिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसे गर्भपात हो गया था। पुलिस की पिटाई से व्यापारी की पुत्री के गर्भपात होने के मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। मामले को लेकर शहर के व्यापारी सड़क पर उतर पड़े।