जमीन के विवाद में करीब सात वर्ष पूर्व युवक की हत्या कर सुबूत मिटाने के लिए लाश घर के अंदर गाड़ देने के मामले में एडीजे द्वितीय नासिर अहमद ने बुधवार को दंपती समेत पांच अभियुक्तों को दोषी करार दिया। कोर्ट से पांचों अभियुक्तों को उम्रकैद व 65 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित कर जेल भेजने का आदेश दिया है। मामला अमेठी जिले के बाजार शुकुल थाने के मवइया गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी बृजेश कुमार मिश्र (35) पुत्र उमाकांत मिश्र का गांव के ही भगवान दास साहू से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 24 अगस्त 2008 को रात करीब नौ बजे बृजेश मिश्र गांव के ही गुरुचरन के दरवाजे पर मीटिंग में शामिल होने के लिए गया था लेकिन वह वापस नहीं आया। दूसरे दिन बृजेश के भांजे राजेश शुक्ल की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्जकर मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने बृजेश के चचेरे भाई अवधेश्र मिश्र की तहरीर पर गांव के ही भगवान दास साहू, उसकी पत्नी कमला देवी, भाई सत्यनाम और गांव के रामदेव व पारसनाथ के खिलाफ हत्या व सुबूत मिटाने के अभियोग में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान अभियुक्त भगवान दास साहू के घर के अंदर कमरे में जमीन में गाड़ी गई बृजेश मिश्र की लाश को बरामद की थी।
आरोप है कि जमीन के विवाद में चल रही रंजिश में भगवान दास साहू से अपनी पत्नी कमला देवी व अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर बृजेश की हत्या कर दी थी और सुबूत मिटाने के लिए लाश जमीन में गाड़ दी थी।