बिरैता गांव में सोमवार की रात ट्रांसफार्मर में खामी से घरों में हाईटेंशन लाइन दौड़ गई। इससे 50 घरों के इलेक्ट्रिक सामान फुंक गए जबकि दो किशोर समेत तीन लोग झुलस गए। एक गाय की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। पावर कॉर्पोरेशन के जेई का फोन नहीं उठने पर ग्रामीणों ने डीएम से मदद मांगी। डीएम के आदेश पर क्षेत्र की सप्लाई बंद की गई। ग्रामीणों के मुताबिक करीब 10 लाख रुपये कीमत के इलेक्ट्रिक सामान का नुकसान हुआ है। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने एक युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बिरसिंहपुर विद्युत उपकेंद्र के सेमरी फीडर के बिरैता गांव में 150 घरों में बिजली की सप्लाई होती है। गांव में ट्रांसफार्मर में 11 हजार वोल्ट की लाइन सप्लाई होती है। यह सप्लाई ट्रांसफार्मर से 440 वोल्ट में तब्दील होकर घरों को जाती है। सोमवार की रात करीब आठ बजे अचानक ट्रांसफार्मर ने हाईटेंशन लाइन 440 वोल्ट में तब्दील करना बंद कर दिया। इससे घरों में 11 हजार वोल्ट की सप्लाई होने लगी। हाईटेशन लाइन से विद्युत तार जलने लगे और घरों में जल रहा बल्ब, पंखा और अन्य इलेेक्ट्रिक सामान फुंक गए। इस बीच स्टे रॉड में उतरे करंट की चपेट में आने से सियाराम अग्रहरि की एक गाय मर गई, जबकि गांव के ही राम गोपाल (24) पुत्र वंशराज निषाद, सौरभ गुप्ता (16) पुत्र रवि गुप्ता व दीपक (15) पुत्र बिरत्नी करंट से झुलस गए।
ग्रामीणों ने जेई मनीष वर्मा को इसकी सूचना देने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। तब ग्रामीण और व भाजपा मंडल अध्यक्ष सभाजीत पांडेय ने जिलाधिकारी को फोन कर घटना से अवगत कराया, डीएम ने तत्काल पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को आदेश दिया कि अविलंब बिजली की सप्लाई बंद की जाए। मंगलवार की सुबह लेखपाल महेश सिंह, कानूनगो सूर्यलाल जायसवाल ने घटना स्थल का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया।