सड़क दुर्घटना में घायल किशोर की जिला अस्पताल में मौत होने से नाराज तीमारदारों ने बृहस्पतिवार की देर रात स्वास्थ्य कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। स्टाफ नर्सों के साथ बदसलूकी की। अस्पताल में दहशत के माहौल का आलम यह रहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने शौचालय में छिपकर अपनी जान बचाई। स्टाफ रूम में तोड़फोड़ के बाद तीमारदारों ने कागजात भी फाड़ डाले। घटना से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने शुक्रवार की सुबह दो घंटे तक कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। सीएमओ के समझाने-बुझाने के बाद लोग चिकित्सीय सेवा पर वापस लौटे। पुलिस ने एक चिकित्सक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के रहायतपुर निवासी तनय मिश्र का बेटा गौरव (14) बृहस्पतिवार की रात सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। परिवारीजनों ने उसे रात 10 बजकर 20 मिनट पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल प्रशासन ने गौरव को पेईंग वार्ड में बेड नंबर तीन पर एडमिट कर लिया था। देर रात 12 बजकर 20 मिनट पर गौरव की मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप था कि चिकित्सकों ने मामले को हल्के में लिया और गौरव का उपचार सही ढंग से नहीं किया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। गौरव की मौत से तीमारदार आक्रोशित हो गए।
तीमारदारों ने आपदा वार्ड में मरीजों को इंजेक्शन लगा रही स्टाफ नर्सों की पिटाई शुरू कर दी। स्टाफ नर्सों की चीख-पुकार के बाद स्टाफ रूम में मौजूद टीएनएम आशीष वहां पहुंचा तो लोगों ने उसे भी पीट दिया। स्टाफ रूम में तोड़फोड़ की और कागजात फाड़ डाले। स्टाफ नर्स और स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान बचाने के लिए शौचालय में छिप गए। मारपीट में स्टाफ नर्स जरीना, सीमा व आशीष घायल हो गए।
इस दौरान एक स्वास्थ्य कर्मी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पाते ही एसआई सचिन राठी पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंच गए। एसआई ने मारपीट में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। रात में ही स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मारपीट की सूचना पाते ही सीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा व सीएमएस डॉ. जलालुद्दीन अस्पताल पहुंच गए। सीएमओ ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. वीबी सिंह से पूछताछ की।