शाहगढ़ ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर ने शिक्षिका से छेड़खानी की। शिक्षिका की शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि आरोपी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।
शाहगढ़ ब्लॉक के एक गांव की रहने वाली विवाहिता एक जुलाई 2015 को शिक्षामित्र से शिक्षक पद पर समायोजित हुई थी। शिक्षिका का आरोप है कि विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के बाद बीते 28 अगस्त को उसके यहां तैनात प्रधानाध्यापक राजेश तिवारी ने उसके साथ छेड़छाड़ की। उसके विरोध करने के बाद प्रधानाध्यापक ने आइंदा ऐसा नहीं करने की बात कहकर माफी मांग ली।
इसके बाद 28 सितंबर को प्रधानाध्यापक ने उसके साथ जबरदस्ती की कोशिश की। प्रधानाध्यापक के छेड़छाड़ से आहत शिक्षिका ने यह बात उसी दिन एबीएसए ओमप्रकाश मिश्र को बताई। बावजूद इसके प्रधानाध्यापक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर महिला ने इसकी लिखित शिकायत छह अक्तूबर को बीएसए के साथ ही डीएम, एसपी, जिला प्रोबेशन अधिकारी व मुंशीगंज थाने में की। शिक्षिका के मुताबिक थाने के साथ ही उच्चाधिकारियों तक से शिकायत के बावजूद अब तक न तो प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई न ही उससे पूछताछ ही हुई।
शिक्षिका का कहना है कि प्रधानाध्यापक अब उसे अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा है। घटना से आहत शिक्षिका ने कहा कि यदि तीन दिन के अंदर आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह अनशन को विवश होगी।