शहर के शास्त्रीनगर मोहल्ले में किराए के मकान में ताऊ के साथ रह रही एक छात्रा ने रविवार की सुबह शरीर पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। परिवारीजनों के शोर मचाने पर पहुंचे आस-पास के लोगों ने किसी तरह से दरवाजा तोड़ा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के पिलखिनी गांव निवासी रामलौट की पुत्री सुधा भारती (18) इंटरमीडिएट की छात्रा थी। वह अपने शिक्षक ताऊ सुदर्शन के साथ कोतवाली नगर क्षेत्र के शास्त्रीनगर मोहल्ला निवासी गजाधर गुप्ता के मकान में किराए पर रहती थी। सुधा भारती का शनिवार को इंटरमीडिएट का अंतिम पेपर था। पेपर देकर वह घर पहुंची और खुश थी। रविवार की सुबह करीब आठ बजे सुधा भारती ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया और शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। आग की लपटें उठने व चीखने-चिल्लाने पर परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई।
चीख-पुकार के बाद पहुंचे आस-पास के लोगों ने किसी तरह से दरवाजा और खिड़की तोड़ी लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह जानकारी मिलते ही मोहल्ले में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। इस बाबत नगर कोतवाल वीपी सिंह ने बताया कि परिवार वाले खुदकुशी की वजह नहीं बता पा रहे हैं।