लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कमरौली के रोड नंबर तीन पर बुधवार की शाम स्कूल से लौट रही तीन छात्राओं को तेज रफ्तार डंपर ने रौंद दिया। दुर्घटना में एक छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो छात्राएं घायल हो गई। घायल छात्राओं को स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। छात्रा की मौत से नाराज लोगों ने हाईवे जामकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पाते ही एसओ पुलिस टीम के साथ वहां पहुंच गए और लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए किसी तरह से मामला शांत कराया। करीब डेढ़ घंटे हाईवे जाम होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
कमरौली थाना क्षेत्र के पूरे हरिलाल तिवारी गांव निवासी सतीश तिवारी इसी थाना क्षेत्र के रोड नंबर तीन पर किराए का मकान लेकर पत्नी नीतू तिवारी, बेटी अंशिका (14) व बेटे आयुष (8) के साथ रहते हैं। अंशिका क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा थी, जबकि आयुष केंद्रीय विद्यालय में पढ़ता है। बुधवार की सुबह अंशिका, पड़ोस में रहने वाली रिचा (13) पुत्री राजकुमार व मधु (10) पुत्री अंबिका के साथ स्कूल गई थी। शाम को छुट्टी होने के बाद तीनोें पैदल घर लौट रही थीं। तीनों हाईवे पर पहुंची थी कि तेज रफ्तार डंपर ने तीनों छात्राओं को रौंद दिया। दुर्घटना में अंशिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रिचा व मधु घायल हो गईं।
आनन-फानन में दोनों को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। अंशिका की मौत से नाराज लोगों ने हाईवे जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि चौड़ीकरण होने की वजह से जगह-जगह सड़कें खुदी हैं। चौड़ीकरण के काम में लगे वाहन लापरवाही से वाहन को चलाते हैं। इसकी वजह से आए दिन लोग दुर्घटना में अपनी जान गवां रहे हैं। हाईवे जाम होने की सूचना पाते ही एसओ प्रह्लाद सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंच गए। एसओ ने पीड़ित परिवार वालों को समझाने के साथ ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। करीब डेढ़ घंटे बाद लोग शांत होकर हाईवे से जाम हटा लिया। इस बाबत एसओ ने बताया कि डंपर को कब्जे में लिया गया है। चालक फरार है। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। घायल बच्चियों की हालत खतरे से बाहर है।