ओदरा गांव में रविवार की सुबह भूमि को समतल करते समय दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी ने उग्र रूप धारण कर लिया। दोनों पक्षों की ओर से की गई फायरिंग में एक गर्भवती महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। घायलों को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने महिला समेत दो लोगों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। गया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के ओदरा गांव निवासी इसरार अहमद (60) की साढ़े सात बीघा जमीन है। जमीन के एक तिहाई हिस्से पर निषाद समुदाय के लोग कई वर्षो से घर बनाकर रहते हैं। इसरार अहमद के अनुसार उनके पुरखों ने निषादों को कुछ जमीन रहने के लिए दिया था। धीरे-धीरे निषाद समुदाय के लोगों ने अधिकांश जमीन पर कब्जा कर लिया। रविवार की सुबह इसरार अहमद परिवार के सदस्यों के साथ जमीन पर ट्रैक्टर लगाकर समतलीकरणकरा रहे थे।
तभी निषाद समुदाय के लोग वहां पहुंच गए और समतलीकरण से इसरार अहमद को मना किया। इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई। फायरिंग में एक पक्ष से इसरार अहमद और उनके भतीजे इरफान (26) और दूसरे पक्ष से गर्भवती कमला देवी (32) को गोली लग गई। फायरिंग के दौरान गांव में अफरातफरी मच गई।
आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सीओ लंभुआ मुकेश मिश्र, एसओ कोतवाली देहात सुरेश कुमार मिश्र पुलिस टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से पूछताछ की। ओदरा गांव में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई है।