जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की जान से खेलने पर आमादा हैं। हालत यह है कि शुक्रवार दोपहर भर्ती एक मरीज को स्वास्थ्य कर्मियों ने एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ा दिया। इसका पता चलते ही मरीज के तीमारदार भड़क गए। तीमारदारों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। तीमारदारों ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच व दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शासन व जिला प्रशासन के तमाम आदेशों के बावजूद जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही बदस्तूर जारी है। शुक्रवार को अस्पताल में कार्यरत एक स्टाफ नर्स ने अमेठी थाने के पूरे भवानी बख्श चौबे मजरे कोहरा गांव निवासी रामनरेश तिवारी की पुत्री नेहा तिवारी (17) को माह अप्रैल 2017 में एक्सपायर हो चुके ग्लूकोज (डी-5) की ड्रिप लगा दी।
ड्रिप लगने के बाद परिवारीजनों ने जब ग्लूकोज की निर्माण व एक्सपायरी तिथि देखी तो हड़कंप मचा गया। परिवारीजनों के शिकायत करने पर अस्पताल स्टाफ ने आनन-फानन ग्लूकोज की बोतल हटाते हुए मामले को रफा-दफा करने की कोशिश शुरू कर दी। स्टाफ नर्स की लापरवाही से नाराज नेहा के परिवारीजनों ने तत्काल मामले की लिखित शिकायत अस्पताल अधीक्षक व सीएमओ से करते हुए स्टाफ नर्स के खिलाफ केस दर्ज करवाने की मांग की है।
मामला गंभीर, होगी कार्रवाई : सीएमओ
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि किसी भी मरीज को एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ाना या दवा देना गंभीर मामला है। विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अस्पताल अधीक्षकों को पत्र जारी कर स्टोर में रखी एक्सपायरी दवाओं को सूचीबद्ध करते हुए उनके निस्तारण की कार्रवाई का आदेश दिया गया है।