असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व मंगलवार को जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर व ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह बुराई के प्रतीक रावण का पुतला दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने मेले का लुत्फ उठाया।
विजयादशमी का पर्व जिले में शांति व सौहार्र्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सुबह से ही लोगों के मोबाइल पर दशहरे की बधाई संदेश आने शुरू हो गए। दूसरी बेला में बच्चे व बड़े सज-धजकर निकले और शहर स्थित रामलीला मैदान पहुंचे। यहां से राम-रावण युद्ध का जुलूस निकला। ओवर ब्रिज पर रावण का पुतला दहन के साथ पटाखों व श्रीराम के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। मेले में हजारों की संख्या में उमड़ी भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
बच्चों में पर्व को लेकर ज्यादा उत्साह नजर आया। मेला शांति पूर्ण माहौल में निपटने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। देर शाम शहर व ग्रामीण इलाकों में दुर्गापूजा महोत्सव की धूम शुरू हो गई। रावण दहन के समय जिलाधिकारी एस. राजलिंगम, एसपी पवन कुमार, विधायक अनूप संडा, चेयरमैन प्रवीन कुमार अग्रवाल, राधेरमण मिश्र वैद्य, रज्जन सेठ, सुनील श्रीवास्तव, हरिब्रत मिश्र समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
कुड़वार कस्बे समेत अन्य छोटी बाजारों में असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा धूमधाम से मनाया गया। नाट्य मंचन प्रस्तुत कर कलाकारों ने रावण के पुतले का दहन किया। इस मौके पर क्षेत्र के प्रबुद्घजन व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी मौजूद रहा। दोस्तपुर में रामलीला के मंचन के बाद मेला स्थल पर रावण वध कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष काली प्रसाद जायसवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।