मुसाफिरखाना ंमें चिकित्सक की लापरवाही से एक मासूम बच्चे की जिंदगी पर बन आई। हालत बिगड़ने पर उसे रेफर कर चिकित्सक ने पल्ला झाड़ लिया। परिवारीजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की मानें तो गलत दवा देने की वजह से बच्चे की मौत हुई।
कानपुर के उमरमंडी रेल बाजार निवासी वीरेंद्र कुमार की ससुराल मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के तहसील कॉलोनी में है। वीरेंद्र की पत्नी अपने एक वर्षीय बच्चे शिवा के साथ रक्षाबंधन पर्व पर मायके आई थी। मंगलवार की सुबह शिवा को बुखार आने से उसकी तबीयत खराब हो गई।
परिवारीजन उसे मुसाफिरखाना के पलिया में स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराए थे, जहां उसका उपचार चल रहा था। बुधवार की दोपहर शिवा की हालत जब ज्यादा नाजुक हो गई तो चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया। परिवारीजन शिवा को लेकर जिला अस्पताल सुल्तानपुर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिला अस्पताल के डॉक्टर राजेश मिश्र की मानें तो बच्चे की मौत गलत दवाएं देने की वजह से हुई है। हाईडोज दवा देने से बच्चे को दवा रिएक्शन कर गई। बच्चे की मौत के बाद परिवार वालों ने अस्पताल में हंगामा काटा।