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भूमि विवाद में शिक्षक और महिला की हत्या

Mon, 04 Dec 2017 10:16 PM IST
Amarujala Bureau
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परिवार में मचा कोहराम - फोटो : अमर उजाला
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पूरे गुरुदत्त तिवारी का पुरवा गांव में रविवार की रात धारदार हथियारों से लैस विपक्षियों ने शिक्षक के घर पर धावा बोल दिया। हमलावरों ने शिक्षक और छोटे भाई की पत्नी को बेलचेक से गोद डाला जबकि किशोर समेत नौ लोगों को पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। परिवारीजन पुलिस को फोन मिलाकर लगातार मदद मांगते रहे लेकिन एक भी पुलिस कर्मी घायलों की मदद के लिए नहीं पहुंचा।
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गंभीर हालत में सभी को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने छह लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में शिक्षक और छोटे भाई की पत्नी की मौत हो गई। चिकित्सकों की लापरवाही का आलम यह रहा कि मौत के बाद भी चिकित्सक ने शिक्षक और महिला को रेफर कर दिया। इससे नाराज परिवारीजनों ने सोमवार की सुबह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना पाते ही एसपी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवारीजनों को न सिर्फ ढांढस बंधाया बल्कि लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से हलका दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया।

बल्दीराय पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 
बल्दीराय थाना क्षेत्र के पूरे गुरुदत्त तिवारी मजरे पारा गनापुर निवासी शिक्षक विद्या प्रसाद तिवारी (41) का गांव के ही दुर्गेश मिश्र से भूमि विवाद चल रहा था। इसी विवाद में रविवार की रात करीब साढ़े आठ बजे दुर्गेश मिश्र समेत करीब सात लोग धारदार हथियार और बेलचक लेकर विद्या प्रसाद तिवारी के घर पहुंच गए। घर के बाहर राम तीर्थ तिवारी (60) व राम मिलन तिवारी चारपाई पर सो रहे थे। हमलावरों ने दोनों पर प्रहार कर दिया। चीख पुकार सुनकर शिक्षक विद्या प्रसाद तिवारी व ऊषा देवी (34) पत्नी अंबिका प्रसाद घर से बाहर निकली तो हमलावरों ने दोनों को बेलचक से गोद डाला।
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इस बीच विद्या प्रसाद का बेटा लकी (12), पत्नी विभा तिवारी (38), राम मिलन तिवारी (70), मृदुल तिवारी(11) पुत्र अंबिका प्रसाद, राजदेई (68) पत्नी राममिलन, आशा देवी (40) पत्नी आद्या प्रसाद, वरुण तिवारी(17) पुत्र लालता प्रसाद तिवारी, गोलू(15 )पुत्र आद्या प्रसाद को मारकर मरणासन्न कर दिया। परिवारीजन हलका दरोगा अशोक सिंह व सिपाही अजय सोनकर को फोन करके मदद मांगते रहे, लेकिन दोनों पुलिस कर्मी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने सभी घायलों को सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने शिक्षक विद्या प्रसाद तिवारी, ऊषा तिवारी, अंबिका प्रसाद, राम मिलन, वरुण तिवारी और विभा तिवारी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवारीजन सभी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक विद्या प्रसाद तिवारी और ऊषा की मौत हो चुकी थी।
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