जिला अस्पताल के सरकारी चिकित्सकों द्वारा घूसखोरी का मामला फिर प्रकाश में आया है। अस्पताल के एक ऑर्थो सर्जन ने अस्पताल में भर्ती एक गरीब मरीज से ऑपरेशन के नाम पर सात हजार रुपये वसूल लिए। पीड़ित के भाई द्वारा चिकित्सक की करतूत बीएचटी पर लिखने व सीएमएस से शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ है। सीएमएस ने चिकित्सक की शिकायत डीएम से करते हुए उनके खिलाफ शासन को पत्र लिखा है।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के पूरनपुर (बालमपुर) निवासी सुरेश पाल (40) पुत्र राम सुमेर बीते दिनों बाइक से गिर पड़ा था। जिससे उसके दाहिने पैर की हड्डी टूट गई थी। परिवारीजन उसे 23 जुलाई को जिला अस्पताल में आर्थो सर्जन डॉ. सीएल रस्तोगी को दिखाए थे। चिकित्सक ने ऑपरेशन की बात कहते हुए सुरेश पाल को आर्थो वार्ड सेकेंड के बेड संख्या सात पर एडमिट कर लिया था। ऑपरेशन के नाम पर डॉ. सीएल रस्तोगी लगातार सुरेश पाल से 10 हजार रुपये मांग करते रहे। सुरेश पाल अपनी गरीबी का हवाला देते हुए रुपये की व्यवस्था नहीं कर पाने की दुहाई देता रहा।
इसके बाद भी चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा। पीड़ित ने भाजपा जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह छंगू से पीड़ा बताई। भाजपा जिलाध्यक्ष ने सीएमएस को पीड़ित की मदद करने को कहा। सीएमएस डॉ. वीबी सिंह ने आर्थो सर्जन से पीड़ित का निशुल्क इलाज के साथ ऑपरेशन करने को कहा था। सीएमएस के आदेश के बावजूद चिकित्सक सीएल रस्तोगी ने पीड़ित से बुधवार को सात हजार रुपये लेने के बाद ही पैर का ऑपरेशन किया। चिकित्सक की करतृूत से आहत सुरेश पाल के भाई शीतला प्रसाद ने जिला अस्पताल की बीएचटी (बेड हेड टिकट) पर चिकित्सक द्वारा लिए गए सात हजार रुपये का जिक्र करते हुए इसकी लिखित शिकायत सीएमएस से की। सीएमएस ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीएम को अवगत कराया है। उन्होंने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को भी पत्र लिखा है।