सुल्तानपुर। कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री जंग बहादुर सिंह के बेटे दद्दन सिंह की हत्या के आरोप में जेल में निरुद्ध अपराधी के सामने रविवार को बंदी रक्षक नत-मस्तक नजर आए। जेल परिसर के अंदर मुख्य गेट पर समर्थकों ने जमानत पर रिहा हो रहे अपराधी का न केवल फूल-मालाओं से स्वागत किया बल्कि नारेबाजी भी की। असलहों का प्रदर्शन भी किया गया। खुलेआम जेल मेन्यूवल की धज्जियां उड़ाई गईं और जेल प्रशासन आंख मूंदे रहा।
अमेठी जिले के जामों थाना क्षेत्र के पूरे फत्ते पूरब गौरा गांव निवासी पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता जंग बहादुर सिंह के बेटे दद्दन सिंह की बीते 14 जून 2014 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले में दद्दन सिंह समेत दो लोगों की मौत हुई थी। घटना में पिता की तहरीर पर पुलिस ने अक्षय प्रताप सिंह, उदयभान सिंह उर्फ बबलू प्रधान, नील कमल सिंह व सिंटू सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने विक्रम सिंह उर्फ विक्की, वीर सिंह व दो लोगों को साजिश में आरोपी बनाया था। इसी मामले में विक्रम सिंह जेल में बंद था।
विक्रम सिंह को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। रविवार को विक्रम सिंह की रिहाई होनी थी। इसे लेकर उसके करीब डेढ़ सौ समर्थक चार पहिया वाहन से सुबह से ही जेल के सामने इकट्ठा थे। रिहाई का वक्त आया तो समर्थक जेल परिसर में दाखिल होकर मुख्य गेट के सामने पहुंच गए। जेल परिसर के अंदर मुख्य गेट पर समर्थकों ने अपराधी विक्रम सिंह का फूल-मालाओं से स्वागत किया। जेल के मुख्य गेट के पास ही असलहों का भी प्रदर्शन किया गया। समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। बंदी रक्षक अपराधी और उसके समर्थकों के सामने नत-मस्तक दिखे।