सीबीआई जांच की मांग पर अड़े परिवारीजन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समझाने-बुझाने पर तीसरे दिन शव दफनाने के लिए तैयार हो गए। पुलिस की मौजूदगी में परिवारीजनों ने शव को गांव की बाग में दफना दिया। डीएम ने तीन भाइयों को शस्त्र लाइसेंस देने के साथ ही मृतक की पत्नी के नाम विवादित भूखंड का पट्टा करने का आश्वासन दिया है।
पुलिस ने हत्या में शामिल चार आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है। अमेठी जिले के पीपरपुर थाना क्षेत्र के ज्ञानीपुर गांव निवासी अशोक सरोज (35) पुत्र जुगुन सरोज की सोमवार की देर शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर वाहिद, हादी, अकलम और इरफान के खिलाफ केस दर्ज किया था।
हत्या से नाराज परिवारीजनों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर शव दफनाने से इंकार कर दिया था। डीएम सुल्तानपुर एस. राजलिंगम, एसपी अमेठी हीरालाल के समझाने-बुझाने पर बुधवार को परिवारीजन शव दफनाने के लिए राजी हो गए। परिवारीजनों ने दोपहर बाद करीब ढाई बजे शव को गांव के बाग में दफना दिया।
डीएम ने मृतक के भाई सियाराम, रामराज और अरविंद के नाम से तीन शस्त्र लाइसेंस की स्वीकृति प्रदान करते हुए मृतक अशोक के नाम के राइफल के लाइसेंस को उसकी पत्नी मंजू के नाम वरासत कर दिया। एडीएम प्रशासन कृष्णलाल ने आश्वासन दिया कि विवादित भूखंड का 30 दिनों के भीतर मंजू के नाम पट्टा कर दिया जाएगा।
मृतक की पत्नी मंजू को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपयेस आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग पर डीएम ने कहा कि वे शासन को इसके लिए पत्र लिखेंगे। पुलिस ने हत्या में शामिल अकलम और इरफान को गिरफ्तार कर लिया। गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी कैंप कर रही है।