दहेज हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शनिवार को आरोपी पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी सास-ससुर व देवर को 10 वर्ष की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है। मामला कोतवाली देहात थाने के गोपालपुर गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी राम बुझारत मौर्य के पुत्र संजय मौर्य की शादी अप्रैल 2008 में कुड़वार थाने के रंकेडीह निवासी उमाशंकर मौर्य की पुत्री आरती के साथ हुई थी। आरोप है कि ससुरालीजन दहेज में बाइक व दो लाख रुपये नकदी की मांग को लेकर आरती को प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 29 अप्रैल 2011 को ससुरालीजनों ने आरती को जलाकर मार डाला था।
मृतका के पिता के तहरीर पर पुलिस से पति संजय मौर्य, सास कोयला देवी, ससुर राम बुझारत, देवर अजय मौर्य और ननद मंजू मौर्य के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में एडीजीसी क्रिमिनल पवन कुमार दुबे ने आठ गवाहों को पेश किया।
एफटीसी के न्यायाधीश अभयकृष्ण तिवारी ने शनिवार को आरोपी पति संजय मौर्य को उम्रकैद व दो हजार रुपये जुर्माना और सास कोयला देवी, ससुर राम बुझारत व देवर अजय मौर्य को 10 वर्ष की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।