गौरीगंज। अमेठी के पुलिस क्षेत्राधिकारी से दो हजार की घूस नहीं मिलने पर सीएमओ कार्यालय के लिपिक ने उनकी ओर से प्रस्तुत मेडिकल क्लेम को घटा कर 17 फीसदी कर दिया। लिपिक की कारस्तानी से नाराज सीओ ने मामले की शिकायत डीएम व एसपी से की है। एसपी ने एएसपी को पूरे मामले की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
अमेठी के पुलिस क्षेत्राधिकारी आरके चतुर्वेदी ने कुछ दिन पूर्व अपनी पत्नी उर्मिला चतुर्वेदी की नेत्र सर्जरी करवाई थी। सर्जरी व दवा आदि में 39,826 रुपये खर्च हुए थे। पत्नी का स्वास्थ्य ठीक होने के बाद सीओ ने मेडिकल क्लेम पाने के लिए सभी चिकित्सीय बिल एसपी कार्यालय के माध्यम से 19 जून 2015 को सीएमओ कार्यालय में प्रस्तुत किया। बिल लगाने के बाद जब कई दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने इसके लिए सीएमओ कार्यालय में बिल भुगतान का पटल देख रहे लिपिक संतोष श्रीवास्तव से संपर्क किया।
सीओ की मानें तो लिपिक ने पूरा क्लेम पास करने की एवज में उनसे दो हजार रुपये घूस देने को कहा। उनके मना करने पर लिपिक ने न सिर्फ सीओ की ओर से प्रस्तुत 39,826 रुपये के बिल को घटाकर 7,026 रुपये कर दिया बल्कि इसे सीएमओ से स्वीकृत भी करवा दिया।
बिल प्रस्तुत करने के 35 दिन बाद 24 जुलाई 2015 को जब सीओ को 39,826 के सापेक्ष मात्र 7,026 रुपये का मेडिकल क्लेम पास होने की जानकारी मिली तो उन्होंने रविवार को पूरे मामले की लिखित शिकायत डीएम जगतराज त्रिपाठी और एसपी हीरालाल से की। सीओ की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक हलके में हड़कंप मचा है।