गड़ा धन पाने की लालच में तांत्रिक के साथ मिलकर तीन लोगों ने एक बालक को अगवा कर बलि की कोशिश की। ग्रामीणों की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने आरोपी के घर से बालक को सकुशल बरामद कर लिया। घटना के बाद से ही तांत्रिक समेत तीनों आरोपी फरार हैं। पुलिस ने मां की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
जामों थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव की रहने वाली बिदाऊ का 10 वर्षीय बेटा गोविंद पुत्र स्व. रतीपाल पासी शनिवार की सुबह करीब 10 बजे से लापता था। परिवारीजन उसकी तलाश में जुटे थे। देर शाम करीब सात बजे किसी ने बताया कि गांव के ही राम सुमिरन के घर में गड्ढा खोदा गया है। देखते ही देखते राम सुमिरन के घर के पास ग्रामीण और परिवारीजन एकत्र होने लगे।
लोगों को देखते ही राम सुमिरन, बबलू और तांत्रिक शिवराम वहां से फरार हो गए। संदेह होने पर परिवारीजनों ने थानाध्यक्ष भरत उपाध्याय को सूचना दी। एसओ मामले को गंभीरता से लेते हुए बलभद्रपुर गांव पहुंच गए। पुलिस टीम ने राम सुमिरन के घर में दबिश दी तो घर के अंदर एक सीढ़ी के पास गोविंद बेहोशी की हालत में मिला। घर में ही करीब 10 फिट का गड्ढा भी खोदा गया था।
गड्ढे के पास ही अगरबत्ती, जायफर, कपूर, सिंदूर, फावड़ा, बरामद किया गया। पुलिस बच्चे को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, जहां थोड़ी देर में उसे होश आ गया। बच्चे ने पूछताछ में बताया कि उसे राम सुमिरन, बबलू और तांत्रिक शिवराम लोध आम खिलाने के बहाने साथ ले गए थे। राम सुमिरन ने उसे घर में बैठाया था जबकि तांत्रिक शिवराम लोध ने उसके माथे पर काला चंदन लगाकर कुछ खाने को दिया।
उसके बाद उसे नींद आ गई। इस बाबत एसओ भरत उपाध्याय ने बताया कि बच्चे की मां बिदाऊ की तहरीर पर राम सुमिरन, बबलू और तांत्रिक शिवराम लोध के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।