कोतवाली क्षेत्र के पूरे शिवा तिवारी गांव से दो दिन पहले अपहृत हुए बच्चे की बेरहमी से हत्या कर शव को घर के बाहर फेंक दिया गया। सुबह घर के सामने बच्चे का शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। परिवारीजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस को ग्रामीणों की नाराजगी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस सतर्क होती तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमेठी व कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसपी के समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। फोरेंसिक टीम ने गांव पहुंचकर छानबीन की। पुलिस ने इस मामले में पहले से दर्ज अपहरण के मुकदमे में हत्या की धारा को तरमीम कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली क्षेत्र के पूरे शिवा तिवारी गांव निवासी फूलचंद का पांच वर्षीय पुत्र शुक्रवार की शाम घर से अचानक लापता हो गया था। बच्चे का पता नहीं चलने पर फूलचंद ने भूमि विवाद की रंजिश बताते हुए कमरौली थाने के सिंदुरवा निवासी अनिल व अरुण के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। रविवार की सुबह परिवारीजनों ने घर के बाहर प्रतीक का शव पड़ा देखा। शव को बोरे से ढका गया था।
प्रतीक के शरीर व गले पर गहरे जख्म के निशान थे। यह देखते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस सतर्क होती तो बच्चे को बचाया जा सकता था। पुलिस अधीक्षक अनीस अंसारी व कई थानों की पुलिस पूरे शिवा तिवारी गांव पहुंची। एसपी के समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात की गई है। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि पहले से दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा तरमीम कर दी गई है। पुलिस नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।