छात्र की आत्महत्या मामले में पुलिस ने सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रबंधक के खिलाफ शनिवार को केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने तहरीर में पद नाम होने के बावजूद प्रधानाध्यापक के खिलाफ केस नहीं दर्ज किया। छात्र की आत्महत्या जैसे संवेदनशील मामले में पुलिस की कार्रवाई लोगों के गले नहीं उतर रही है।
मझवारा गांव निवासी संजय मौर्य के 16 वर्षीय पुत्र अंकित मौर्य ने बीते 19 अप्रैल को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से दुखी परिवारीजनों का कहना था कि 18 अप्रैल को मात्र 20 मिनट विलंब से पहुंचने के कारण प्रबंधक जगप्रसाद यादव ने न सिर्फ उसे मारा-पीटा बल्कि उसका स्कूल बैग भी रखवा लिया था।
छात्र को प्रताड़ित करने में प्रबंधक के साथ प्रधानाचार्य भी शामिल रहे। परिवार वालों का कहना था कि इसी वजह से परेशान होने के कारण अंकित ने आत्महत्या की। अंकित के चाचा राजकुमार ने शुक्रवार को थाने में तहरीर देकर प्रबंधक के साथ प्रधानाचार्य के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की मांग की थी।
शुक्रवार को जांच के नाम पर राजकुमार को टरकाने वाली पुलिस ने शनिवार को केस दर्ज करने की औपचारिकता निभाई। पुलिस ने तहरीर में प्रबंधक के साथ प्रधानाचार्य का नाम होने के बावजूद सिर्फ प्रबंधक के खिलाफ ही केस दर्ज किया। प्रभारी निरीक्षक आरपी शाही ने सिर्फ प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
एसपी अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि तहरीर में नाम होने के बावजूद केस दर्ज नहीं करना गंभीर मामला है। एसएचओ को निर्देश देकर प्रधानाचार्य का नाम भी विवेचना में बढ़वाया जाएगा।