सुल्तानपुर। मध्याह्न भोजन योजना के कन्वर्जन कॉस्ट एवं खाद्यान्न में अनियमितता के आरोप में अखंडनगर क्षेत्र के पाराबासूपुर की ग्राम प्रधान, तत्कालीन चार वीडीओ और कोटेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश बीएसए ने दिया है। साथ ही घपले में शामिल रहे लोगों से कन्वर्जन कॉस्ट की अवशेष धनराशि तथा खाद्यान्न की बची धनराशि की भी वसूली जाएगी।
अखंडनगर विकासखंड क्षेत्र के पाराबासूपुर की ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी ने वर्ष 2005-06 से अक्तूबर 2010 के मध्य एमडीएम योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई कुल कन्वर्जन कॉस्ट 6,34,747 में 5,51,658 रुपये खर्च किया था। साथ ही इस अवधि में प्राप्त 128.62 क्विंटल गेहूं में 86.34 का ही उपयोग हुआ था। प्राप्त चावल 259.44 क्विंटल में से 172.69 क्विंटल ही प्रयोग में लिया गया था।
शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी अखंडनगर ने प्रकरण की जांच की, जिसमें कन्वर्जन कॉस्ट एवं एमडीएम में प्रयुक्त होने वाले खाद्यान्न में गड़बड़ी को सही पाया गया। वसूली के लिए गेहूं को प्रति क्विंटल 1422.62 तथा चावल को 2020.75 रुपये की दर से जोड़ा गया है। यही नहीं 75 रुपये प्रति क्विंटल की दर से परिवहन व्यय भी आरोपियों से वसूला जाएगा।
बीईओ को दिया एफआईआर दर्ज करने का आदेश
सुल्तानपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेश यादव ने बताया कि बीईओ की रिपोर्ट पर तत्कालीन ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी, कोटेदार लालबहादुर तिवारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी वीरेंद्र प्रताप वर्मा, कृष्णदेव पांडेय, राजेंद्र प्रसाद यादव व अनिल कुमार यादव के खिलाफ अखंडनगर थाने में केस दर्ज करने का आदेश खंड शिक्षा अधिकारी को दिया है।