सुल्तानपुर। सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार चाहे जितने नियम कानून बना लें लेकिन उसके अनुपालन को लेकर संबंधित महकमे के अधिकारी संजीदा नहीं होते। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही नाबालिगों की मौतों पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन आयुक्त का ताजा आदेश भी महज कागजी घोड़ा साबित हो रहा है।
इस आदेश के तहत नाबालिग के बाइक/चार पहिया वाहन चलाते मिलने पर उनके साथ ही अभिभावकों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश हैं। ‘अमर उजाला’ टीम ने बुधवार को शहर का जायजा लिया तो सड़कों पर नाबालिग बेखौफ फर्राटा भरते मिले। शहर के डाकखाना चौराहे के पास से तेज रफ्तार बाइक पर फर्राटा भरते स्कूली बच्चे। ट्रिपलिंग का यह दृश्य डाकखाना स्थित पुलिस पिकेट पर तैनात किसी सिपाही को नहीं दिखाई पड़ा।
सीओ सिटी/सीओ ट्रैफिक नवीना शुक्ला ने बताया कि मातहतों को उन्होंने कार्रवाई का निर्देश दिया है। आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। फिलहाल यदि आपके पास ऐसी फोटो है जिसमें नाबालिग बाइक अथवा कार चला रहे हैं तो मुझे भी भेज दें।
एआरटीओ प्रशासन अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परिवहन आयुक्त के आदेश का अनुपालन कराया जा रहा है। बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर चालक पर आठ सौ रुपये और वाहन स्वामी पर चार सौ रुपये अर्थदंड किया जाता है। ईयरफोन लगाकर वाहन चलाने पर लाइसेंस निलंबित किया जाता है। इसके अलावा वाहन का चालान भी होता है।