बैंकों के निजीकरण समेत अन्य मसलों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले मंगलवार को जिले की 196 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। बैंक कर्मियों ने शाखाओं पर ताले लगाकर सडक़ों पर विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते तकरीबन 50 करोड़ रुपये का लेन-देन नहीं हो सका। इससे ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के चलते मंगलवार को बैंक ग्राहकों के समक्ष धन निकासी को लेकर काफी समस्या हुई।
जिला मुख्यालय पर एसबीआई, सेंट्रल बैंक, बीओबी, इलाहाबाद बैंक, पीएनबी, इंडियन ओवरसीज बैंक, विजया बैंक, आईसीआईसीआई बैंक समेत अन्य शाखाओं पर पूरी तरह से कामकाज ठप रहा। बैंकों में धन की जमा निकासी नहीं हो सकी। चेकों की क्लीयरिंग का काम भी नहीं हो सका। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित अधिकांश बैंक शाखाओं में ताले तटके रहे। बैंक अधिकारियों की मानें तो मंगलवार की हड़ताल के चलते जिले की 196 बैंक ब्रांच में कामकाज ठप रहा। बैंक शाखाओं के बंद होने से करीब 50 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित रहा।
बस स्टेशन के निकट स्थित एसबीआई की शाखा पर प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए यूपी बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के सुनील मिश्र व अरुण कुमार सिंह ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ किया जाय। प्रदर्शन करने वालों में आरसी शुक्ला, राजितराम जितेंद्र सिंह, डीडी तिवारी, लालचंद्र त्रिपाठी, आलोक सिंह, संजीव सिंह समेत कई बैंक कर्मी शामिल रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन एंड आरआरबी यूनियन्स के मीडिया प्रभारी शिव करन द्विवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार बैंकों का निजीकरण करने की फिराक में है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।