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कर्मियों को बंधक बना बैंक में जड़ा ताला

Mon, 21 Nov 2016 10:46 PM IST
अमर उजाला/सुल्तानपुर
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ग्राहकों ने किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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500-1000 के नोट बंद होने के बाद शुरू हुई लोगों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चार दिनों से कैशलेस हो चुकी 80 ग्रामीण बैंक शाखाओं के कर्मचारियों ने सोमवार को हाथ खड़े कर लिए। इसके बाद तमाम शाखाओं पर खाताधारकों और बैंक कर्मियों में तकरार हुई।
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गुस्साए ग्राहकों ने देहलीबाजार और बिरसिंहपुर की ग्रामीण बैंक की शाखाओं पर ताला जड़ बैंक कर्मियों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस के मान-मनौव्वल के बाद ताले खोले गए। ग्राहकों की परेशानी से आजिज क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कर्मियों ने डीएम से मुलाकात कर समस्या बत्राई।  

जिले में 196 बैंक शाखाओं में 80 शाखाएं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की हैं। पिछले चार दिनों से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की सभी शाखाएं कैशलेस चल रही हैं। शनिवार को बैंक अधिकारियों ने शाखाएं बंद होने के पूर्व अपने खाताधारकों से सोमवार को धन मिलने का भरोसा दिलाया था। सोमवार को फिर करेंसी चेस्ट जिला मुख्यालय की एसबीआई व बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से नहीं मिल सका।
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ऐसे में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के ग्राहकों के सब्र का बांध टूट गया। ग्राहकों ने जिला मुख्यालय समेत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक  की कई शाखाओं पर सोमवार की सुबह से धन निकासी को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। वलीपुर स्थित देहलीबाजार की क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा पर धन निकासी न होने का बोर्ड देखने के बाद खाताधारकों ने बैंक शाखा पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने शाखा के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी।

बैंक के शाखा प्रबंधक हरीराम ने इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को दी। सूचना पर देहली बाजार चौकी से पुलिस पहुंची। प्रदर्शनकारियों को किसी तरह से समझा-बुझाकर शांत कराया गया। जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के बिरसिंहपुर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा पर भी धन की समस्या को देखते हुए खाताधारकों ने आपा खो दिया। शाखा पर बाहर से ताला बंद करके खाताधारकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

करीब एक घंटे तक ताला बंद रहा। बैंक के शाखा प्रबंधक आरएस यादव ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। सेमरी बाजार बैंक शाखा के समक्ष भी खाताधारकों ने प्रदर्शन करते हुए बैंक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। शाखा प्रबंधक केपी गुप्ता ने बताया कि भुगतान नहीं होने की वजह से खाताधारकों में गुस्सा था।  

ग्रामीण बैंक के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से मांगी मदद 
सुल्तानपुर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक अधिकारी व कर्मचारी संगठन के बैनर तले सोमवार को बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने जिला प्रशासन की शरण ली। बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने डीएम से सुरक्षा की मांग करते हुए ग्रामीण बैंक की शाखाओं को कैश न मिलने से उत्पन्न हुई समस्या का हवाला दिया। ज्ञापन देने वाले बैंक कर्मियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों पर गंभीर आरोप मढ़े। नकदी के वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए बैंक कर्मियों ने समस्या का निदान न होने पर बैंक शाखाओं के समक्ष धरना देने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में शिवकरन द्विवेदी, अरुण कुमार सिंह, एपी श्रीवास्तव, सुरेश कुमार सिंह समेत अन्य कई लोग शामिल रहे। बैंक कर्मियों से ज्ञापन लेने के बाद डीएम ने लीड बैंक अधिकारियों के साथ सोमवार की शाम आपात बैठक बुलाकर हर संभव सहयोग का भरोसा जताया। 

एसडीएम ने की एसबीआई व बॉब ब्रांच में नकदी वितरण की जांच 
फोटो संख्या-13
सुल्तानपुर। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों की शिकायत पर डीएम के निर्देश के बाद सोमवार को उप जिलाधिकारी सदर सलिल पटेल एसबीआई व बैंक ऑफ बड़ौदा की जांच करने पहुंचे। उन्होंने दोनों बैंक अधिकारियों से करेंसी चेस्ट के आवक और वितरण का ब्यौरा लिया। उप जिलाधिकारी ने बताया कि लीड बैंक के शाखा प्रबंधकों के अनुसार जो करेंसी चेस्ट मिला वह उनकी शाखाओं पर ही कम रहा। जरूरत के मुताबिक करेंसी चेस्ट नहीं मिल पा रहा है। 24 नवंबर तक समस्या हल हो जाने की उम्मीद है। 

लीड व क्षेत्रीय बैंक अधिकारियों में मची रार 
सुल्तानपुर। नोटबंदी के बाद क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों पर जो आरोप मढ़े हैं वे चौंकाने वाले हैं। डीएम को दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले 12 दिनों में अब तक जिले में बीओबी को कुल 100 करोड़ रुपये की नकदी वितरण के लिए दी गई। इसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की 80 शाखाओं पर सिर्फ पांच करोड़ 80 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखाओं की मांग के सापेक्ष दी गई नकदी काफी कम है। इससे खाताधारकों को भुगतान में समस्या खड़ी हो गई है।  इनसेट

रबी की फसल की बोआई में आई बाधा  
सुल्तानपुर। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखाओं में करीब 15 लाख से अधिक ग्राहक हैं। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की 80 शाखाओं पर रोजाना धन निकासी के लिए कम से कम 100 खाताधारकों को निराश होना पड़ रहा है। किसी के यहां शादी-विवाह है तो कोई इलाज कराने के लिए बैंक के चक्कर लगा रहा है। रबी की फसल की बुआई का काम भी धन नहीं मिलने से चौपट हो रहा है। खाताधारकों का आरोप है कि पीएम की घोषणा के बाद भी बैंक शाखाओं से किसानों को 25 हजार की बात तो दूर 2500 रुपये का भुगतान भी नहीं हो सका है। 

रुपया बिना कैसे पीले हों बिटिया के हाथ  
कुड़वार। बैंक में नोट न होने के चलते सोमवार कुड़वार कस्बे में स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा पर सुबह से ही ताला लटका रहा। क्षेत्र के डड़वा निवासी रेनू देवी ने बताया कि उनकी पुत्री का विवाह 24 नवंबर को है। बैंक से पैसा न मिलने से अब इज्जत दांव पर लग गई है। खरगिनपुर निवासी रोशनी का कहना है कि उनकी पुत्री का विवाह 30 नवंबर को तय है। सारी तैयारियां अभी अधूरी हैं। टेंट, हलवाई आदि वैवाहिक आयोजन में काम करने वाले पूरा पैसा मांग रहे हैं। बैंक से भुगतान नहीं मिल रहा है।

उनका कहना है कि अब भगवान भरोसे सब कुछ अहै, बैंक से तो आपन रुपइया निकालब मुश्किल लागत बा। प्रतापपुर निवासी अश्विनी दूबे, ज्ञान प्रकाश, रामसुमेर के घर भी विभिन्न आवश्यक कार्यों के लिए धन की जरूरत है। चार दिनों से बैंक में पैसा नहीं मिल सका। शहर की बैंक शाखाओं में बुजुर्गों को धन निकासी में परेशानी का सामना करना पड़ा। 

करेंसी चेस्ट न मिलने से स्थिति हुई गंभीर 
सुल्तानपुर। सुल्तानपुर जिले के लीड बैंक मैनेजर एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि करेंसी चेस्ट न मिलने से स्थिति गंभीर हुई है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखाओं में करेंसी चेस्ट के अभाव में धन नहीं भेज पा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को यथास्थिति से अवगत कराया गया है। उच्च स्तर पर बॉब व एसबीआई को सीमित करेंसी चेस्ट दिया जा रहा है।
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