10 वर्ष पूर्व सदर तहसील के रजिस्ट्री ऑफिस के दलित लिपिक पर हमला करने के आरोप में अंतरिम जमानत पर चल रहे आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह ने शनिवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट उत्कर्ष चतुर्वेदी ने आप नेता को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
शहर के गभड़िया निवासी आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह पांच जून 2007 को सदर तहसील के रजिस्ट्री ऑफिस में अपने भाई के विवाह का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए गए थे। रजिस्ट्री ऑफिस के दलित लिपिक रामसागर ने अभिलेख अपूर्ण होने की बात कहकर उन्हें दोबारा आने को कहा था।
आरोप है कि इस पर संजय सिंह व उनके साथ गए दो अन्य आरोपियों ने लिपिक के साथ अभद्रता करते हुए जातिसूचक शब्दों से उसे अपमानित किया था। कोतवाली नगर में लिपिक रामसागर ने आप नेता संजय सिंह, गभड़िया निवासी अनिल द्विवेदी व शहर के निरालानगर निवासी आशुतोष सिंह व एक अज्ञात के खिलाफ हमला करने व दलित उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था।
बीते 24 अगस्त को आप प्रवक्ता संजय सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया था, जहां उन्हें स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट उत्कर्ष चतुर्वेदी ने अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए नियमित जमानत पर सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तिथि नियत की थी।
शनिवार को आप नेता संजय सिंह ने प्रभारी सीजेएम/एसीजेएम द्वितीय प्रभानाथ त्रिपाठी की कोर्ट में सरेंडर किया। उनकी जमानत अर्जी पर बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संदीप सिंह, मदन सिंह व अरविंद सिंह राजा ने दलीलें पेश की। अभियोजन अधिकारी ने उनकी जमानत का विरोध किया। स्पेशल जज एससी/ एसटी एक्ट उत्कर्ष चतुर्वेदी ने आप नेता को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।