सपा विधायक की शिकायत पर सोमवार को जांच के लिए अपर आयुक्त के पहुंचने से उपायुक्त वाणिज्य कर पर कार्रवाई का खतरा मंडराने लगा है। जांच के दौरान विधायक की मौजूदगी में अधिवक्ताओं ने साक्ष्य के तौर पर जांच अधिकारी को भ्रष्टाचार के कई मामले उपलब्ध कराए हैं। करीब पांच घंटे की जांच के दौरान अपर आयुक्त ने व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं से भी बात की। जांच से कार्यालय में हडकंप मचा रहा है।
मई माह में सपा विधायक अनूप संडा ने वाणिज्य कर आयुक्त को पत्र लिखकर डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर खंड तीन संजीव कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया था। जून माह में फिर उन्होंने कर अधिवक्ताओं का ज्ञापन संलग्न करते हुए आयुक्त को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की थी। विधायक की शिकायत पर सोमवार को फैजाबाद जोन के अपर आयुक्त अखिलेश मिश्र वाणिज्य कर डिप्टी कमिश्नर की जांच को पहुंचे। जांच के दौरान कर अधिवक्ताओं ने अपर आयुक्त को वाणिज्य कर उपायुक्त के कार्यप्रणाली से संबंधित दर्जनों साक्ष्य भी उपलब्ध कराया है।
इसमें करदाताओं को सुने बिना एक पक्षीय रूप से मुकदमों को खारिज करना, एक ही तरह के मामलों में अलग-अलग तरीके की कार्रवाई समेत कई मामले शामिल हैं। जांच के दौरान पहुंचे विधायक अनूप संडा ने भी उपायुक्त संजीव कुमार सिंह पर मनमानी एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। जांच के दौरान अपर आयुक्त ने कर अधिवक्ताओें, व्यापारियों से भी उपायुक्त भसमेत अन्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली के संबंध में बात की।
करीब पांच घंटे की जांच के दौरान वाणिज्य कर विभाग में हड़कंप मचा रहा। जांच अधिकारी/अपर आयुक्त फैजाबाद ने व्यापारियों, अधिवक्ताओं एवं विधायक को मंगलवार को जांच रिपोर्ट वाणिज्य कर कमिश्नर को भेजने का आश्वासन दिया है। उपायुक्त की कार्यशैली के खिलङाफ अधिवक्ताओं, व्यापारियों एवं विधायक के रोष को देखते हुए उनके ऊपर कार्रवाई का खतरा मंडराता दिख रहा है। हालांकि आरोपों से घिरे उपायुक्त संजीव कुमार सिंह ने शिकायतों को दबाव में लेने वाला बताया है। कहा कि कुछ लोग उनसे दबाव में काम लेना चाह रहे थे।