तीन वर्ष बाद भी ठगों का
पता नहीं लगा पाई पुलिस
क्रासर-
कोर्ट ने अमेठी के एसपी को भेजा पत्र
गौरीगंज कोतवाल कोर्ट में तलब
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। धोखाधड़ी कर मोबाइल की एजेंसी देने के नाम पर 56 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस तीन वर्ष बाद भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कोर्ट की सख्ती के बावजूद पुलिस अभी तक ठगी करने वाले अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। भुक्तभोगी दुकानदार की अर्जी पर एसीजेएम षष्टम् अनिल सेठ ने अमेठी के पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने गौरीगंज कोतवाल को नोटिस देकर अदालत में तलब किया है। मामला गौरीगंज कोतवाली से जुड़ा है।
गौरीगंज कस्बे में स्थित फलमंडी तिराहा निवासी विनय अग्रहरि की कस्बे में मोबाइल की दुकान है। दो अप्रैल 2014 को विनय की दुकान पर सौरभ अवस्थी व एक अन्य युवक पहुंचे और बताया कि वे बालाजी एजेंसी से आए हैं। युवकों ने विनय से मैक्स मोबाइल की एजेंसी देने के नाम पर 56 हजार रूपये ले लिए और कहा कि दो तीन दिनों के बाद मोबाइल की डिलवरी हो जाएगी। तीन दिन बाद फोन करने पर उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। पुलिस के केस नहीं दर्ज करने पर भुक्तभोगी ने कोर्ट की शरण ली। पीड़ित दुकानदार के अधिवक्ता विजय अग्रहरि ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी सौरभ अवस्थी व एक अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को अदालत ने 29 जून 2016 को रद कर अग्रिम विवेचना करने का आदेश दिया था। करीब तीन वर्ष बीतने के बाद भी पुलिस प्रकरण में जालसाजों का पता नहीं लगा पाई है। मजिस्ट्रेट अनिल सेठ ने अमेठी के एसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने गौरीगंज कोतवाल को दो नवंबर को तलब कर जवाब मांगा है।