पुलिस के पीछा करने पर रविवार रात कछुओं से लदी पिकअप बेकाबू होकर खड्ड में पलट गई। वाहन पलटते ही चालक व अन्य लोग भाग निकले। पुलिस ने पिकअप की तलाशी ली तो 11 बोरे में कछुए भरे मिले। थाने में की गई गिनती में कछुओं की संख्या कुल 525 मिली। वन विभाग के अधिकारियों ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है। कछुओं की कीमत करीब छह लाख रुपये बताई जा रही है।
रविवार रात पीपरपुर थानाध्यक्ष भरत उपाध्याय को पिकअप से भारी संख्या में कछुए भेजे जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने अमेठी-दुर्गापुर मार्ग पर वाहन का पीछा किया तो पिकअप पीपरपुर गांव के पास बेकाबू होकर खड्ड में पलट गई। दुर्घटना के बाद चालक व अन्य लोग खेतों की ओर भाग निकले। तलाशी में पुलिस को 11 बोरे मिले जिसमें 525 जिंदा कछुए निकले। वन क्षेत्राधिकारी मो. अकबर ने बताया कि बरामद कछुओं को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।
बरामद कछुओं की कीमत बंगाल पहुंचने पर करीब छह लाख रुपये है। तस्कर इन्हें बंगाल ले जाने की फिराक में थे। फिलहाल बरामद गाड़ी के नंबर से मामले की छानबीन की जा रही है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत पीपरपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है।
दो दिन पहले मिले थे 80 कछुए
गत शनिवार की सुबह बरौंसा चौराहे पर दंपती को कछुओं के साथ गिरफ्तार किया था। उनकी शिनाख्त कल्लू निवासी पकड़ी भादा, थाना पीपरपुर जिला अमेठी व उसकी पत्नी के रूप में हुई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि कि कछुओं को पश्चिम बंगाल भेजा जाता है। बोरे व बैग से पुलिस को 80 कछुए बरामद हुए थे।