दहेज हत्या में पति समेत
तीन को 10 वर्ष की कैद
क्रासर
कमरौली थाने के जाफरगंज से जुड़ा मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। दहेज हत्या के मामले में एडीजे द्वितीय नासिर अहमद ने बृहस्पतिवार को आरोपी पति, सास व ससुर को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास व प्रत्येक को छह-छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। मामला अमेठी जिले के कमरौली थाने के जाफरगंज गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी मो. अयूब के पुत्र मो. कयूम की शादी 17 जून 2008 को कुड़वार थाने के कस्बा कुड़वार निवासी अब्दुल रशीद की पुत्री रोशनजहां के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये नकदी की मांग को लेकर ससुरालीजन रोशनजहां को प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर आठ अगस्त 2010 को ससुरालीजनों ने रोशनजहां को जलाकर मार डाला था। पुलिस ने मृतका के पिता अब्दुल रशीद की तहरीर पर आरोपियों पति मो. कयूम, ससुर मो. अयूब, सास समीरुलनिशां उर्फ बुग्गा व देवर सोनू के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने आरोपियों पति मो. कयूम, ससुर मो. अयूब व सास समीरुलनिशां उर्फ बुग्गा के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी जबकि देवर सोनू का नाम विवेचना में निकाल दिया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह व अधिवक्ता अजीर्जुरहमान ने घटना को साबित करने के लिए सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बृहस्पतिवार को एडीजे द्वितीय नासिर अहमद ने आरोपियों पति मो. कयूम, ससुर मो. अयूब व सास समीरुलनिशां उर्फ बुग्गा को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कारावास व प्रत्येक को छह-छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।