गौरीगंज। वर्ष 2016-17 में शासन की ओर से ग्राम पंचायतों के चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के खाते में मिली धनराशि से 2.90 लाख रुपये गबन करने की शिकायत डीपीआरओ कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक व संबद्ध सफाई कर्मी को भारी पड़ी। शिकायत पर अपर प्रमुख सचिव पंचायतीराज का निर्देश मिलने के बाद बुधवार देर शाम डीपीआरओ ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। डीपीआरओ ने शिकायत के दायरे में आने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर को जांच पूरी होने के बाद निलंबित करने की बात कही है।
लखनऊ के तेलीबाग निवासी अविनाश कुमार ने पिछले दिनों अमेठी के डीपीआरओ कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक प्रशांत कुमार, कार्यालय से संबद्ध सफाई कर्मी सिद्धार्थ काकुस्थ व एक कंप्यूटर ऑपरेटर पर चतुर्थ वित्त आयोग के खाते से 2.90 लाख रुपये ग्राम पंचायतों के बजाय अपने खाते में हस्तांतरित कर लेने का आरोप लगाया था। अपर प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम अमेठी को प्रकरण की गंभीरता से जांच कराकर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। सचिव का पत्र मिलने के बाद डीएम योगेश कुमार (अब स्थानांतरित) ने डीपीआरओ बनवारी सिंह को मामले की जांचकर कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया था। डीएम का पत्र मिलने के बाद बुधवार देर शाम डीपीआरओ ने लिपिक प्रशांत कुमार व सफाई कर्मी सिद्धार्थ को शिकायत के आधार पर तत्काल निलंबित कर दिया जबकि शिकायत के दायरे में आने वाले कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर के संलिप्तता की जांच की जा रही है।
आरोपों की हो रही जांच : डीपीआरओ
डीपीआरओ बनवारी सिंह ने कहा कि आरोप की गंभीरता को देखते हुए दो कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। आरोपों की बारीकी से जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर कंप्यूटर ऑपरेटर को भी निलंबित करने के साथ अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी।