फर्जी रसीद के फेर में फंसे 127 छात्रों को नहीं मिला रोल नंबर
सुल्तानपुर। गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक एवं परास्नातक के 127 छात्र-छात्राओं का भविष्य फर्जीवाड़े की गिरफ्त में आ गया है। इन छात्र-छात्राओं का अनुक्रमांक ही विश्वविद्यालय से नहीं आया है। इसकी वजह से बीएससी व एमएससी के स्टूडेंट्स प्रैक्टिकल में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि प्रभावित छात्र-छात्राओं का शुल्क महाविद्यालय में नहीं जमा है। जो रसीद स्टूडेंट्स के पास है, वह फर्जी है।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बीएससी व एमएससी के लगभग 127 छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय में प्रवेश लिया था। उसकी बाकायदा रसीद भी मिली थी। विश्वविद्यालयीय परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हो रही हैं। उसके पहले प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय ने स्टूडेंट्स के रोल नंबर एलॉट कर दिए हैं।
उसी रोल नंबर के आधार पर बच्चों को प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल होना है। 127 छात्र-छात्राएं जब महाविद्यालय में प्रयोगात्मक परीक्षा देने पहुंचे तो उन्हें रोल नंबर नहीं मिला। बच्चों ने जब अपनी रसीद प्राचार्य को दिखाई तो वह फर्जी निकली।
गौरतलब है कि इस बार शुल्क की रसीद बैंक ऑफ महाराष्ट्र की दी जा रही थी। महाविद्यालय के एक कर्मी ने फर्जी रसीद व मुहर बनवाकर बच्चों को थमा दी। करीब सात लाख रुपये लेकर कर्मी फरार है। पीड़ित बच्चों ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। रोल नंबर न पाने वाले बच्चों की परीक्षा में शामिल होने पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि कॉलेज के कर्मी ने फर्जीवाड़ा किया है। लगभग 127 बच्चों के फॉर्म कॉलेज में शुल्क नहीं जमा होने के कारण फारवर्ड नहीं किए गए हैं। विश्वविद्यालय से बच्चों के भविष्य को देखते हुए वार्ता की जाएगी। ताकि कॉलेज स्तर से शुल्क जमा कर उनका अनुक्रमांक आवंटित कराया जा सके।