मुन्ना बजरंगी को थी खतरे की आशंका, जेल में रहता था सतर्क
सुल्तानपुर। बागपत जेल में शूट किया गया माफिया प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी यहां जिला जेल में रहने के दौरान काफी सतर्क था। शायद उसे खतरे की आशंका रहती थी। इसलिए वही वह कारागार में सिर्फ अपने करीबियों के हाथ से बना खाना खाता था। जिला कारागार में निरुद्ध मुन्ना का एक खास गुर्गा उसके लिए मीट पकाता था। मुन्ना को उसके हाथ का बना मीट बेहद प्रसंद था।
जिला जेल सूत्रों की मानें तो यहां रहने के दौरान मुन्ना प्रतिदिन पांच बजे उठ जाता था और जेल परिसर में ही दौड़ता था। जिला कारागार में मुन्ना अपनी मर्जी के मुताबिक रहता था। उससे जिला कारागार में मिलने के लिए कोई रोक-टोक नहीं रहती थी। मिर्जापुर जिला कारागार से सुल्तानपुर जेल में आने के बाद उसका दरबार लगता था। उसमें जिले के छुटभैया अपराधी भी शामिल होते थे। इस पर कुछ अंकुश लगाने के लिए तत्कालीन जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ल ने पहल की तो उनसे मुन्ना की नोकझोंक भी हुई थी।
मुन्ना बजरंगी से मिलने एक बार एक युवक जेल पहुंचा था। युवक ने अपने गले में पहने हुए लॉकेट में हिडेन कैमरा छिपाकर रखा था। युवक की मंशा थी कि वह मुन्ना के दरबार में उपस्थित लोगों की फोटो कैद कर ले। लेकिन मुन्ना की नजर उस लॉकेट में छिपे कैमरे पर पड़ गई। युवक के साथ पहुंचे लोगों ने मुन्ना का पैर पकड़कर माफी मांगी। उसके बाद मुन्ना ने लॉकेट लेने के बाद युवक को छोड़ा। जिला कारागार में शिफ्ट होने के बाद उसका रुझान राजनीति की तरफ भी बढ़ा था।
जिला कारागार में मुन्ना को पड़ा था एंजाइना अटैक
सुल्तानपुर। माफिया मुन्ना बजरंगी को सुल्तानपुर कारागार में रहने के दौरान एंजाइना अटैक पड़ा था। कारागार में निरुद्ध मुन्ना को देखने के लिए सरकारी चिकित्सक के अलावा एक प्राइवेट चिकित्सक भी जेल जाते थे।
अंत्येष्टि में पहुंचे कई समर्थक
सुल्तानपुर। प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की अंत्येष्टि में जिले से भी उसके कई समर्थक शामिल हुए। मंगलवार को पूरे दिन जिला कारागार में माफिया के कत्ल को लेकर हलचल रही। माफिया डॉन की हत्या के बाद गैंगवार की आशंका को लेकर जिले की पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। कई स्थानों पर पुलिस ने चेकिंग लगाकर जांच भी की। बताया जा रहा कि मंगलवार की सुबह उसकी अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए कई लोग पहुंचे भी।