चचेरे भाइयों ने युवक को दौड़ाकर गोलियों से भूना
सुल्तानपुर। सिसौड़ा गांव में रविवार की सुबह खेत गए युवक को भूमि विवाद में चचेरे भाइयों ने गोलियों से भून डाला। हत्या की सूचना मिलते ही एएसपी ग्रामीण ने फॉरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने पिता की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। युवक की हत्या से परिवार में कोहराम मचा है।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के सिसौड़ा गांव निवासी दीपेंद्र उर्फ दीपू (22) पुत्र शिवशंकर शुक्ला रविवार की सुबह खेत गया था। तभी उसके चाचा राम चंद्र शुक्ला के पुत्र रिंकू शुक्ला, राजू शुक्ला, हिमांशू शुक्ल व अजय उर्फ साधु शुक्ला दो बाइकों से वहां पहुंच गए।
चारों ने दीपेंद्र को खेत में दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। दीपेंद्र जान बचाकर भागा तो आरोपियों ने उसे दौड़ाकर गोलियों से भून डाला। गोली लगने से घायल दीपेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या की सूचना मिलते ही एएसपी ग्रामीण शिवराज, जयसिंहपुर कोतवाल बेनी माधव त्रिपाठी के साथ फॉरेंसिक टीम लेकर पहुंच गए। एएसपी ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
एएसपी ने बताया कि मृतक दीपेंद्र के पिता शिवशंकर शुक्ला की तहरीर पर रिंकू उर्फ रणविजय शुक्ला, राजू शुक्ला, हिमांशु शुक्ला, अजय उर्फ साधु शुक्ला, राम चंद्र शुक्ला के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने अजय उर्फ साधु शुक्ला को गिरफ्तार भी कर लिया है।
दीपेंद्र की हत्या में शामिल आरोपियों ने बीते शुक्रवार को भी फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। परिवारीजनों ने बताया कि इसकी सूचना सेमरी पुलिस चौकी इंचार्ज को दी गई थी। चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे थे, लेकिन आरोपियों का पक्ष लेते हुए उल्टा दीपेंद्र को ही डांट फटकार करके चले गए थे।
सिसौड़ा गांव निवासी राम मिलन शुक्ला के चार पुत्र हैं। इनमें जगन्नाथ शुक्ला, कृष्ण कुमार शुक्ला, राम चंद्र शुक्ला व सबसे छोटे शिवशंकर शुक्ला हैं। परिवारीजनों ने बताया कि जगन्नाथ शुक्ला के सिर्फ दो पुत्रियां हैं।
राम मिलन शुक्ला अपने बड़े पुत्र को अपनी भूमि नहीं देना चाहते थे। उन्हें शक था कि मेरे मरने के बाद यदि जमीन जगन्नाथ उर्फ बेचू शुक्ला के नाम जाएगी तो वे जमीन अपनी बेटियों को दे देंगे।
इसे देखते हुए रिंकू उर्फ रणविजय शुक्ला पुत्र रामचंद्र शुक्ला व अजय उर्फ साधु शुक्ला पुत्र कृष्ण कुमार शुक्ला उर्फ छोटई शुक्ला ने अपने बाबा राम मिलन शुक्ला से एक वर्ष पहले आठ बीघा जमीन अपने नाम बैनामा करवा लिया था।
इसी आठ बीघा भूमि को लेकर जगन्नाथ उर्फ बेचू शुक्ला व शिवशंकर शुक्ला का अपने पिता राम मिलन व रामचन्द्र शुक्ला के लड़कों से विवाद चल रहा था।
खेत गए दीपेंद्र कुमार शुक्ला अपने चचेरे भाइयों से जान बचाकर भागा था। वह गांव के ही रवि पांडेय के गन्ने के खेत पास पहुंच गया था।
वह गन्ने के खेत घुसने लगा तो गन्ने के खेत में लगायी गई लोहे के तारों की बाड़ में फंस कर गिर पड़ा, तभी पीछे से आरोपियों ने उसे गोलियों से भून डाला। यदि गन्ने के खेत में बाड़ नहीं लगा होता तो शायद दीपेंद्र की जान बच जाती।
दीपेंद्र के परिवार में पत्नी प्रियंका के साथ ही पिता के साथ ही दो बड़ी बहनें कोमल व खुशबू हैं। दीपेंद्र बड़ा पुत्र था। दीपेंद्र से छोटा भूपेंद्र उर्फ राजा शुक्ला है। दोनों बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। दीपेंद्र की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
दीपेंद्र की शादी 29 मई 2019 को कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव निवासी रमानाथ दुबे की पुत्री प्रियंका से हुई थी। शादी के बाद प्रियंका विदा होकर ससुराल में आई थी।
प्रियंका के हाथ की मेंहदी भी अभी नहीं छूटी थी कि रविवार की सुबह पति की हत्या के बाद उसकी मांग सूनी हो गई। पति की मौत से प्रियंका बेसुध है।