सुल्तानपुर। दो लोगों की मौत, चार दिन में आरोपी की गिरफ्तारी और चंद मिनटों में अदालत से बेल मिल गई। यह हकीकत एआरटीओ प्रवर्तन दल के सिपाही व संविदा चालक की ट्रक से रौंदने से हुई मौत के मामले की है। जिले से लेकर प्रदेश तक परिवहन व पुलिस महकमे के साथ ही शासन की निगाह में आए मामले में लोग कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। आखिर छोटे से छोटे मामले में पुलिस आरोपियों पर नकेल कसने के लिए गैंगेस्टर तक की कार्रवाई कर डालती है, तो सिपाही व संविदा चालक के मौत के जिम्मेदार आरोपी पर कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। शनिवार को गिरफ्तार किए गए आरोपी ट्रक ड्राइवर को पुलिस ने शनिवार को अपर सिविल जज (अवर खंड) अंकिता सिंह की कोर्ट में पेश किया, जहां उसे दुर्घटना से हुई मौत से संबंधित धारा लगने के कारण चंद मिनटों में जमानत मिल गई।
गोसाईंगंज क्षेत्र के माधवपुर छतौना के पास मंगलवार की भोर में एआरटीओ प्रवर्तन दस्ते के सिपाही अरुण सिंह और संविदा चालक अब्दुल मोबीन को ट्रक ने रौंद दिया था। घटना में सिपाही और संविदा चालक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने एआरटीओ प्रवर्तन राकेश कुमार वर्मा की तहरीर पर ट्रक (यूपी 33 ए 7419) के अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज किया था। विवेचना में ट्रक मालिक मोहम्मद मोफीज निवासी भदैंया महमूदपुर पूरे रानी, अमेठी व इसी गांव के बाबू का नाम प्रकाश में आया था। बुधवार को पुलिस ने भदैंया महमूदपुर पूरे रानी गांव में छापा मारकर बाबू को गिरफ्तार किया था। बाबू ने पुलिस को बताया था कि वह ट्रक का खलासी है।
मालिक मोहम्मद मोफीज ही दुर्घटना करने वाले ट्रक को चला रहा था। शुक्रवार को पुलिस ने ट्रक मालिक मोहम्मद मोफीज को गिरफ्तार किया था। शनिवार को पुलिस ने आरोपी ट्रक मालिक/चालक मोहम्मद मोफीज को अपर सिविल जज (अवर खंड) अंकिता सिंह की कोर्ट में पेश किया। आरोपी के खिलाफ दुर्घटना से हुई मौत से संबंधित धारा के तहत केस दर्ज होने के कारण कोर्ट से जमानत मिल गई।