सुल्तानपुर। महिला आरक्षी से दुष्कर्म करने के आरोपी इंस्पेक्टर नीशू तोमर के खिलाफ सीजेएम रचना ने गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। सीजेएम ने यह आदेश विवेचक सीओ सिटी की अर्जी पर दिया है। कोर्ट ने आरोपी इंस्पेक्टर की आत्मसमर्पण अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी इंस्पेक्टर करीब दो माह से लापता हैं।
एक महिला आरक्षी ने इंस्पेक्टर नीशू तोमर पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए विगत माह नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। था। घटना के समय नीशू तोमर की तैनाती हलियापुर थाने में थी। पुलिस शिकंजा कसने पर नीशू तोमर ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर अर्जी दाखिल की। 22 सितंबर को नीशू तोमर कोर्ट आए थे, जहां अदालत के बाहर से उन्हें पुलिस हिरासत में लेकर महिला थाने ले गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ करने के बाद नीशू तोमर को छोड़ दिया गया था। वहीं, नीशू तोमर की पत्नी कुसुम ने पुलिस पर पति को गायब करने का आरोप लगाया। दुष्कर्म केस की विवेचना कर रहे सीओ सिटी राघवेंद्र चतुर्वेदी ने नीशू तोमर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी थी।
महिला आरक्षी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए समर्पण अर्जी दी गई है। सीजेएम रचना ने काफी दिनों से लंबित नीशू तोमर की आत्मसमर्पण अर्जी खारिज करके उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने शर्त लगाई है कि नीशू तोमर से संबंधित कोई प्रक्रिया किसी न्यायालय में लंबित होने या स्थगन होने की दशा में जारी एनबीडब्ल्यू बिना तामील कराए तत्काल वापस कर दिया जाए।
पत्नी की याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन
नीशू तोमर की पत्नी कुसुम ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर पति को तलाश कराने की मांग की है। याचिका पर पुलिस विभाग की ओर से जवाब भी दाखिल किया जा चुका है।