सुल्तानपुर। धनपतगंज ब्लॉक मुख्यालय हुए बवाल के मामले में शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के समय गैर हाजिर रहीं जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह व इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू शनिवार को कोर्ट में पेश हुए। दोनों की ओर से गैर जमानती वारंट निरस्त करने के लिए दी गई अर्जी स्पेशल जज एमपी-एमएलए ने मंजूर कर ली है। दोनों ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर करने के लिए जमानतामा भी दाखिल किया।
पांच फरवरी 2016 को धनपतगंज ब्लॉक मुख्यालय पर क्षेत्र पंचायत प्रमुख का पर्चा दाखिल करने के दौरान ऊषा सिंह व उनके पति शिव कुमार सिंह और चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके भाई धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू व समर्थकों के बीच बवाल हो गया था। एक पक्ष से ऊषा सिंह ने और दूसरे पक्ष से यशभद्र सिंह मोनू ने एक दूसरे के खिलाफ मारपीट करने, जानलेवा हमला करने व एससी-एसटी एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। शुक्रवार को स्पेशल जज ने ऊषा सिंह, उनके पति शिव कुमार सिंह समेत आठ आरोपियों और दूसरे पक्ष के चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह समेत चार आरोपियों को बलवा, चुनाव में असर डालने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत दोषी मानते हुए दो वर्ष की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी।
ऊषा सिंह व चंद्रभद्र सिंह सोनू को छोड़कर अन्य सभी आरोपी सजा के समय कोर्ट में हाजिर थे। कोर्ट ने ऊषा सिंह व चंद्रभद्र सिंह सोनू के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया था। दोनों लोगों ने शनिवार को कोर्ट में पेश होकर गैर जमानती वारंट निरस्त करने के लिए अर्जी दी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।