सुल्तानपुर। गैर इरादतन हत्या के मामले में शुक्रवार को एडीजे प्रथम ने पिता व तीन पुत्रों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद और प्रत्येक को 16 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
कूरेभार क्षेत्र के चैन का पुरवा सिद्धीगनेशपुर निवासी विजय यादव 14 मार्च 2002 को कोटे की दुकान पर केरोसिन लाने गया था। वहां पर विजय का गांव के ही शारदा से विवाद हो गया। इसके बाद शारदा व अन्य लोगों ने लाठी, डंडे से विजय के परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में विजय, उनकी मां सीता देवी, बहन निर्मला व पिता जगदीश को चोटें आई थी। गंभीर रूप से घायल विजय व सीता देवी को अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान सीता देवी की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी शारदा, उसके भाई कन्हई व अयोध्या और पिता गोवर्धन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। शुक्रवार को एडीजे प्रथम इंतेखाब आलम ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी गोवर्धन और उसके पुत्रों शारदा, कन्हई व अयोध्या को दोषी मानते हुए 10 वर्ष की कैद व प्रत्येक को 16 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना की 90 फीसदी धनराशि मृतका सीता देवी के पुत्र विजय यादव को देने का आदेश दिया है।
क्रॉस केस में छह माह की परिवीक्षा पर छोड़े गए आरोपी
गैर इरादतन हत्या के दोषी आरोपियों की ओर से क्रॉस केस के तहत मारपीट का केस दर्ज कराया गया था। कोर्ट ने क्रॉस केस के आरोपी विजय यादव व उसके भाई अजय को छह माह की परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश दिया है। इस दौरान आरोपियों को सही चाल-चलन बनाए रखना होगा।